
नईदुनिया प्रतिनिधि, हरदा। पटाखा कारोबार में होने वाले भारी मुनाफे और इसके लिए जरूरी सिस्टम को कुछ ही सालों में संचालक राजेश अग्रवाल जान चुका था। उसके सिर पर कमाई का भूत सवार रहा, जिसके लिए उसने तमाम नियम कायदों को खूंटी पर टांगना शुरू कर दिया।
अड़चनों को रुपयों की ताकत से किया चलता
आलम यह था कि पटाखों के काले कारोबार के रास्ते जहां अड़चनें खड़ी हुईं उसने अपने सिस्टम और रुपयों की ताकत के आगे उन्हें चलता कर दिया। बड़ा सवाल यह है कि पूरे जिला प्रशासन में बैठे किसी भी अफसर को इस अनहोनी का भान नहीं हुआ या फिर जान बूझकर लोगों को मौत के मुहाने बैठाए रखा गया।
पटाखों की कई राज्यों में सप्लाई
सूत्रों ने बताया कि हरदा में अग्रवाल की फैक्ट्रियों में तैयार पटाखे उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में सप्लाई किए जाते हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि इस धंधे में अग्रवाल किस हद तक चांदी काट रहा था। इसके बावजूद उसने आम जनता की सुरक्षा के लिए किसी भी स्तर पर मानकों का पालन नहीं किया।
बारूद माफियाओं के मकान व गोदाम ढहाए जाएं, ज्ञापन देकर की मांग
मंगलवार को मगरधा रोड पर बैरागढ स्थित पटाखा फैक्ट्री में हुए धमाके के बाद हरदा के मुस्लिम समाज ज्ञापन दिया। इसमें फैक्ट्री संचालक राजेश उर्फ राजू अग्रवाल पर कड़ी कार्रवाई करते हुए उसके बाकी गोदाम घरों को जमींदोज करने की मांग की है। हादसे में मुस्लिम समाज के कई परिवार हताहत हुए हैं।
मुख्यमंत्री के नाम इस ज्ञापन में कहा गया है कि राजेश और उसके साथ शामिल बारूद माफिया के ग्राम कुंजरगांव, ग्राम सिराली के पीपलपानी एवं अन्य कई जगह फटाका गोदाम बने हैं, जिसमें अभी भी अवैध तरीके से बड़ी मात्रा में बारुद रखा गया है। इन गोदामों की भी जांच कराई जाए।
शहर के बीचों बीच वार्ड क्रमांक 22 में पानी की टंकी के पास आबकारी कार्यालय एवं गोदाम बना हुआ है। जिसमें भी अधिक मात्रा में मदिरा रखी जाती है, इस आफिस को भी हटाया जाए, जिससे भविष्य में होने वाली घटना से बचा जा सकेगा। चार दिनों में आरोपितों पर रासुका लगाई जाए। साथ ही उसके घर मकान को भी तोड़ा जाए ऐसा न होने पर मुस्लिम समाज आंदोलन करेगा।
मकान क्षतिग्रस्त होने पर आवास देने के निर्देश
मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने बुधवार को जिला अस्पताल पहुंचकर पटाखा दुर्घटना में हुए घायल व्यक्तियों से मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को दुर्घटना में घायलों के समुचित उपचार के निर्देश दिए। इस दौरान घायल व्यक्तियों ने मुख्यमंत्री डा. यादव को बताया कि हादसे में उनके घर पूरी तरह टूट गए हैं। मवेशी भी मारे गए हैं।
इस पर मुख्यमंत्री डा. यादव ने कलेक्टर को सभी क्षतिग्रस्त आवासों की लिस्टिंग कर पीड़ित परिवारों को आवास उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि घायल मवेशियों को भी बेहतर उपचार किया जाएगा। मृत हुए मवेशियों का मुआवजा भी प्रभावित व्यक्तियों को उपलब्ध कराएं। इस दौरान पूर्व मंत्री कमल पटेल, प्रमुख सचिव गृह संजय दुबे, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक जयदीप प्रसाद, संभागायुक्त नर्मदापुरम डा. पवन कुमार शर्मा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग आयुक्त सुदाम पी खाड़े, पुलिस महानिरीक्षक इरशाद वली, कलेक्टर ऋषि गर्ग सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
गंभीर घायलों को 1-1 लाख रुपये की दी मदद
इस दौरान मुख्यमंत्री डा. यादव ने हादसे में गंभीर रूप से घायल 5 व्यक्तियों को गोविंद मूलचंद चंदेल, हेमंत दिनेश, असगर सज्जाद हुसैन, यूसुफ अख्तर और घनश्याम नर्मदा प्रसाद को 1-1 लाख रुपये राशि की आर्थिक सहायता का चेक वितरित किया। साथ ही उन्होंने अन्य घायलों को 25-25 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी।
मृतकों के स्वजनों को 4-4 लाख रुपये की मदद
मुख्यमंत्री डा. यादव ने मृतकों के स्वजनों को आश्वस्त करते हुए कहा कि इसके अतिरिक्त भी हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उल्लेखनीय है कि मंगलवार को हुई इस दुर्घटना के 11 लोगों की मृत्यु हुई थी। मृतकों के स्वजनों को 4-4 लाख रुपये की मदद दी गई।