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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 23, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Harda News: ज्योति कंस्ट्रक्शन कंपनी पर डेढ़ करोड़ की जीएसटी चोरी का अनुमान

प्रारंभिक जांच में करीब डेढ़ करोड़ रुपये तक का टैक्स मिसमैच होने की आशंका जताई जा रही है। डिप्टी कमिश्नर ने यह भी बताया कि कंपनी का अकाउंटेंट और सीए ड...और पढ़ें

By vijaykumar vishnoiEdited By: Navodit Saktawat
Publish Date: Tue, 23 Sep 2025 10:09:13 PM (IST)Updated Date: Tue, 23 Sep 2025 10:15:00 PM (IST)
Harda News: ज्योति कंस्ट्रक्शन कंपनी पर डेढ़ करोड़ की जीएसटी चोरी का अनुमान
हरदा। ज्योति कंस्ट्रक्शन कंपनी कार्यालय, जहां दूसरे दिन भी कार्रवाई जारी रही।

HighLights

  1. जीएसटी के डिप्टी कमिश्नर युवराज पाटीदार ने बताया कि यह रूटीन कार्रवाई है।
  2. जांच में सरकारी भुगतान एवं फाइल किए जीएसटी रिटर्न में अंतर सामने आया है।
  3. करीब डेढ़ करोड़ रुपये तक का टैक्स मिसमैच होने की आशंका जताई जा रही है।

नवदुनिया प्रतिनिधि, हरदा। शहर में जिला पंचायत कार्यालय के पास स्थित ज्योति कंस्ट्रक्शन कंपनी पर जीएसटी की छपामार कार्रवाई दूसरे दिन मंगलवार शाम तक जारी रही। तीन कारों में भोपाल से आई करीब 20 सदस्यी टीम ने कंपनी के दस्तावेज खंगाले। अधिकारियों को प्रारंभिक रूप से करीब डेढ़ करोड़ रुपये की जीएसपी चोरी होने का अनुमान है। हालांकि यह आंकड़ा और बढ़ भी सकता है।

ज्योति कंस्ट्रक्शन कंपनी के मालिक दीपक अग्रवाल के घर और कार्यालय पर सोमवार को भोपाल से आई जीएसटी विभाग की 20 सदस्यीय टीम ने दबिश दी थी। टीम शाम करीब चार बजे से ही घर और कार्यालय में दस्तावेजों एवं कम्प्यूटर की जांच में जुटी हुई है।


जीएसटी विभाग के डिप्टी कमिश्नर युवराज पाटीदार ने बताया कि यह एक रूटीन कार्रवाई है। कंपनी का मालिक एक सरकारी ठेकेदार है और जांच में सरकारी भुगतान एवं फाइल किए गए जीएसटी रिटर्न में अंतर सामने आया है। प्रारंभिक जांच में करीब डेढ़ करोड़ रुपये तक का टैक्स मिसमैच होने की आशंका जताई जा रही है।

डिप्टी कमिश्नर ने यह भी बताया कि कंपनी का अकाउंटेंट और सीए डाटा देने में देरी कर रहे हैं। जांच टीम कम्प्यूटर और दस्तावेजों को खंगाल रही है। जो भी अतिरिक्त रकम सामने आएगी उसे कंपनी को जमा कराना होगा। देर रात तक कार्रवाई जारी रही। इसके बाद मंगलवार सुबह से शाम तक जारी रही।

मुख्य गेट पर लगा रहा ताला

पूरी कार्रवाई के दौरान कंपनी कार्यालय के मुख्य गेट पर ताला लगा रहा। किसी भी बाहरी व्यक्ति को कार्यालय के अंदर प्रवेश नहीं दिया गया। मीडिया को भी अंदर जाने से रोका गया।ऐसे में जिला परिवहन अधिकारी राकेश अहाके देर रात कंपनी के घर जाते दिखे। फिर करीब 10 मिट बाद वापस आ गए। उन्होंने मीडिया को आधिकारिक रूप से तो कुछ नहीं बताया। जाते जाते यह जरूर कहा कि यहां मेरा दोस्त रहता है उसी से मिलना आया था।