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नर्मदापुरम में ₹1.04 करोड़ का राशन घोटाला: दो दुकानें सस्पेंड, विक्रेताओं से वसूली और जेल भेजने की तैयारी

खाद्य विभाग ने संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने और करीब 1.04 करोड़ रुपये के खाद्यान्न की वसूली के निर्देश दिए हैं।

By Rajendra singh pariharEdited By: bhupendra Singh Rajput
Publish Date: Wed, 30 Sep 2026 10:52:27 PM (IST)Updated Date: Wed, 30 Sep 2026 10:52:27 PM (IST)
नर्मदापुरम में ₹1.04 करोड़ का राशन घोटाला: दो दुकानें सस्पेंड, विक्रेताओं से वसूली और जेल भेजने की तैयारी
प्रतीकात्मक

HighLights

  1. दो पीडीएस दुकानों में गेहूं-चावल का बड़ा स्टाक कम मिला
  2. विभाग ने दोनों दुकानों का भौतिक सत्यापन कराया, FIR दर्ज
  3. 1.04 करोड़ रुपये के खाद्यान्न की वसूली के निर्देश दिए हैं

नईदुनिया प्रतिनिधि, नर्मदापुरम। गरीबों के राशन पर माफिया ने डाका डाला है। सरकारी रिकार्ड में मौजूद खाद्यान्न सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकानों से गायब हो गया। कई महीनों से लोगों को राशन नहीं मिला तो शिकायत हुई।

खाद्य विभाग ने जांच की तो सामने आया कि केवल दो दुकानों में ही एक करोड़ तीन लाख 99 हजार 851 रुपये मूल्य का गेहूं-चावल गायब है।

कम मिला खाद्यान्न

मामला नर्मदापुरम में हर्ष शिक्षित बेरोजगार सहकारी शाख समिति मर्यादित द्वारा संचालित शासकीय उचित मूल्य दुकानों का है। जांच के दौरान एक में ईपीओएस मशीन पर गेहूं का स्टाक 14,070 किलो दर्ज था, लेकिन दुकान में सिर्फ 300 किलो गेहूं मिला। इसी दुकान में चावल का स्टाक 3,406 किलो दर्ज था, जबकि वहां केवल 100 किलो चावल उपलब्ध था।

वहीं दूसरी दुकान में गेहूं का स्टाक 20,757 किलो दर्ज था, लेकिन मौके पर 400 किलो मिला। चावल का स्टाक 4,919 किलो दर्ज मिला, लेकिन बोरियों में 200 किलो चावल ही मिल पाया।

जांच में पहली दुकान के विक्रेता हर्ष तिवारी के यहां 33 लाख 17 हजार 161 रुपए और दूसरी दुकान के विक्रेता प्रकाश तिवारी के यहां 70 लाख 82 हजार 690 रुपए के खाद्यान्न की अनियमितता पाई गई।

एफआईआर के आदेश

कलेक्टर के अनुमोदन के बाद डिप्टी कलेक्टर एवं प्रभारी जिला आपूर्ति नियंत्रक सरोज सिंह परिहार ने दोनों दुकानों को निलंबित कर संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने तथा राशि की वसूली की कार्रवाई के आदेश दिए हैं। कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी अमित साहू इसी आदेश के आधार पर एफआईआर कराने बुधवार को कोतवाली थाने पहुंचे।


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संदेह के बाद शुरू हुई पड़ताल

आदेश के अनुसार अगस्त 2025 में दुकान संचालक की ओर से अतिरिक्त खाद्यान्न आवंटन की मांग की जा रही थी। इसी दौरान जून, जुलाई और अगस्त 2025 के वितरण को लेकर सवाल उठे। अधिकारियों ने 29 अक्टूबर 2025 को दोनों दुकानों की जांच की, जिसमें अनियमितता सामने आई।

विभाग ने संबंधितों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया, लेकिन जवाब नहीं मिला। इसके बाद कलेक्टर ने कार्रवाई के निर्देश जारी किए।

दोनों राशन दुकानों के स्टाक का भौतिक सत्यापन कराया गया था, जिसमें बड़ी मात्रा में अंतर सामने आया है। मामले में विभागीय आदेश के अनुसार दोनों दुकान संचालकों के खिलाफ एफआईआर सहित नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। - अमित साहू, कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी नर्मदापुरम

मामले में कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। खाद्य विभाग से प्राप्त दस्तावेजों का परीक्षण किया जा रहा है और कुछ दस्तावेज भी मांगे गए हैं। इनके परीक्षण के बाद नियमानुसार संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। - गौरव सिंह बुंदेला, थाना प्रभारी कोतवाली नर्मदापुरम