
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर : अनाज मंडी के कारोबार में पैसा लगाकर मुनाफा कमाने का सपना दिखाया और भरोसा जमने के बाद रकम अपने खातों में लेते गए। जब निवेशक ने अपनी रकम वापस मांगी तो न मूलधन मिला, न मुनाफा। शिकायत के बाद क्राइम ब्रांच ने 1 करोड़ 43 लाख रुपये की धोखाधड़ी के मामले में दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपितों का पहले से आपराधिक रिकार्ड है।
मामले में गौरव जैन पुत्र विमल कुमार जैन, निवासी स्कीम नंबर 114 पार्ट-1, इंदौर और आकाश जैन पुत्र मुकेश जैन, निवासी गुना को गिरफ्तार किया गया है। शिकायतकर्ता कवलदीप सिंह रीन निवासी बिचौली रोड, इंदौर ने पुलिस को बताया कि आरोपितों ने अनाज मंडी के व्यापार में निवेश करने पर अच्छा मुनाफा दिलाने और रकम बढ़ाने का भरोसा दिया था।
पुलिस के अनुसार आरोपितों की बातों पर भरोसा कर शिकायतकर्ता ने अलग-अलग समय पर बैंक खातों के माध्यम से कुल 1.43 करोड़ रुपये दिए। निवेश के बदले मुनाफे का भरोसा मिलने के कारण शुरुआत में लेन-देन चलता रहा। बाद में जब शिकायतकर्ता ने अपनी रकम और मुनाफा वापस मांगा तो आरोपितों ने रकम लौटाने में आनाकानी शुरू कर दी।
काफी समय बाद भी पैसा वापस नहीं मिलने पर शिकायतकर्ता ने पुलिस से संपर्क किया। शिकायत की जांच में पुलिस ने संबंधित बैंक खातों की जानकारी जुटाई और रकम के लेन-देन की पड़ताल शुरू की।
जांच के दौरान शिकायत में दिए गए मोबाइल नंबरों की तकनीकी जानकारी भी निकाली गई। बैंक खातों में हुए लेन-देन, मोबाइल नंबर और दस्तावेजों को आपस में जोड़कर पुलिस ने आरोपितों की भूमिका की पड़ताल की।
पुलिस के अनुसार उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर प्रथम दृष्टया धोखाधड़ी का मामला सामने आने के बाद दोनों आरोपितों को गिरफ्तार किया गया। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि 1.43 करोड़ रुपये की रकम का इस्तेमाल कहां किया गया और रकम किन-किन खातों में पहुंची।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने दोनों आरोपितों का आपराधिक रिकार्ड भी खंगाला। इसमें गौरव जैन के खिलाफ अलग-अलग थानों में आठ अपराध दर्ज होना सामने आया है। वहीं आकाश जैन के खिलाफ दो पुराने अपराध पंजीबद्ध हैं। विजय नगर के तत्कलानी एसीपी राकेश गुप्ता से उसका विवाद चल रहा है। गुप्ता द्वारा चेक बाउंस का केस लगाया था। लसूड़िया पुलिस उसको पकड़ने पहुंची तो उसने सोना लूटने का आरोप लगाकर पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया।
पुलिस अब पुराने मामलों की जानकारी भी जुटा रही है। साथ ही वर्तमान मामले में दोनों की भूमिका और आपस में उनके कारोबारी संबंधों की भी जांच की जा रही है।
क्राइम ब्रांच की जांच अब सिर्फ शिकायतकर्ता से ली गई रकम तक सीमित नहीं है। पुलिस बैंक खातों के स्टेटमेंट और अन्य वित्तीय दस्तावेजों की जांच कर रही है। यह भी देखा जा रहा है कि रकम सीधे आरोपितों के खातों में गई या किसी अन्य व्यक्ति या खाते के माध्यम से आगे ट्रांसफर की गई।
पुलिस के मुताबिक मामले में अन्य लोगों की भूमिका से भी इनकार नहीं किया गया है। बैंकिंग रिकॉर्ड और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आगे की जांच जारी है। आरोपितों से पूछताछ के बाद धोखाधड़ी की रकम के पूरे लेन-देन और संभावित अन्य आरोपितों की भूमिका स्पष्ट होने की उम्मीद है। गौरव की पत्नी भी धोखाधड़ी में शामिल है।
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