
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। एमआइजी थाना क्षेत्र के जगजीवन रामनगर में मंगलवार रात 16 वर्षीय छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना से कुछ घंटे पहले उसका दोस्त अभिषेक घर पहुंचा था और उसके साथ रहने की जिद को लेकर दोनों में विवाद हुआ था। छात्रा के मना करने पर विवाद इतना बढ़ा कि उसका मोबाइल भी तोड़ दिया गया। इसके बाद छात्रा अपनी बड़ी बहन के साथ शिकायत करने थाने भी निकली। घर लौटने के कुछ देर बाद छात्रा का शव कमरे के फर्श पर पड़ा मिला। उसके सीने और कंधे पर चोट के निशान मिले हैं।
पुलिस के अनुसार मूलत: गंगापुर, राजस्थान निवासी वैष्णवी अपनी मां और बड़ी बहन कृष्णा के साथ जगजीवन रामनगर में किराये के मकान में रहती थी। वह 11वीं कक्षा में पढ़ती थी, जबकि कृष्णा कालेज की छात्रा है। वैष्णवी की परदेशीपुरा निवासी अभिषेक से दोस्ती थी। वह पहले परदेशीपुरा क्षेत्र में ही रहती थी।
कृष्णा ने पुलिस को बताया कि मंगलवार रात करीब साढ़े 10 बजे अभिषेक घर आया था। वह वैष्णवी पर अपने साथ रहने के लिए दबाव बना रहा था। वैष्णवी ने मना किया तो दोनों के बीच विवाद हो गया। आरोप है कि अभिषेक ने उसका मोबाइल भी तोड़ दिया। इसके बाद नाराज होकर दोनों बहनें शिकायत करने परदेशीपुरा थाने का बोलकर निकली थी।
हालांकि कुछ देर बाद दोनों वहां से लौट आईं और फिर परदेशीपुरा-पाटनीपुरा की तरफ चली गईं। करीब साढ़े चार बजे दोनों वापस घर पहुंचीं। वैष्णवी चाबी लेकर प्रथम मंजिल पर ऊपर चली गई, जबकि कृष्णा कुछ देर नीचे गाड़ी रखने के लिए रुक गई। जब वह पहली मंजिल पर पहुंची तो वैष्णवी फर्श पर पड़ी मिली।
कृष्णा ने अपने एक दोस्त को बुलाया और दोनों वैष्णवी को नंदानगर स्थित वर्मा अस्पताल ले गए। वहां से उसे दूसरे अस्पताल के लिए रेफर किया गया। बाद में डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सुबह करीब साढ़े आठ बजे पुलिस को सूचना मिली। पुलिस फोरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंची और घटनास्थल की जांच की।
टीआइ सीबी सिंह के मुताबिक वैष्णवी के सीने और कंधे पर चोट के निशान मिले हैं। घटना के बाद से अभिषेक फरार है। कृष्णा ने उसे जाते हुए देखने की बात पुलिस को बताई है और उसी पर हत्या का शक जताया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वास्तविक वजह और चोटों की प्रकृति स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस अभिषेक की तलाश के साथ घटनाक्रम से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।
टीआइ के अनुसार कृष्णा के बयान भी संदेहास्पद है। वह एमआइजी थाना क्षेत्र में रहती है और रिपोर्ट के लिए परदेशीपुरा थाने जा रही थी। कृष्णा ने वैष्णवी को घंटो बाद अस्पताल पहुंचाया और पुलिस को भी सुबह आठ बजे सूचना दी गई। फिलहाल पुलिस तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही है।
यह भी पढ़ें- सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर! MP में प्रमोशन नियम 2025 को हाई कोर्ट में चुनौती, 16 अक्टूबर को सुनवाई