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सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर! MP में प्रमोशन नियम 2025 को हाई कोर्ट में चुनौती, 16 अक्टूबर को सुनवाई

मध्य प्रदेश अजाक्स कर्मचारी संघ, भोपाल ने मप्र लोक सेवा पदोन्नति नियम 2025 के कुछ प्रविधानों की संवैधानिकता को हाई कोर्ट में चुनौती दी है।

By Surendra DubeyEdited By: ADITYA KUMAR
Publish Date: Wed, 07 Oct 2026 08:24:10 PM (IST)Updated Date: Wed, 07 Oct 2026 08:24:10 PM (IST)
सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर! MP में प्रमोशन नियम 2025 को हाई कोर्ट में चुनौती, 16 अक्टूबर को सुनवाई
MP में प्रमोशन नियम 2025 को हाई कोर्ट में चुनौती

HighLights

  1. मप्र लोक सेवा पदोन्नति नियम 2025 को हाई कोर्ट में चुनौती
  2. अलग मेरिट सूची से आरक्षित वर्ग के अवसर प्रभावित होने का दावा
  3. मुख्य न्यायाधीश की पीठ ने 16 अक्टूबर को विशेष बेंच में भेजा मामला

नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। मध्य प्रदेश अजाक्स कर्मचारी संघ, भोपाल ने मप्र लोक सेवा पदोन्नति नियम 2025 के कुछ प्रविधानों की संवैधानिकता को हाई कोर्ट में चुनौती दी है। याचिका में नियम 11 की उपधाराओं (1), (2), (3), (4) एवं नियम 12(4) को संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 के विपरीत बताते हुए निरस्त करने की मांग की गई है। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर व अधिवक्ता पुष्पेंद्र कुमार साह ने पैरवी की।

अलग मेरिट सूची और विचारणीय सीमा पर उठाए सवाल

याचिका में दावा किया गया है कि नियमों के तहत पदोन्नति के लिए आरक्षित और अनारक्षित वर्ग की अलग-अलग मेरिट सूची तैयार की जाती है, जिससे अनारक्षित पदों पर आरक्षित वर्ग के पात्र कर्मचारियों को मेरिट के आधार पर पदोन्नति का अवसर नहीं मिल पाता। संघ ने सुप्रीम कोर्ट के विभिन्न निर्णयों और संविधान के अनुच्छेद 14 व 16 का हवाला देते हुए नियमों को चुनौती दी है।


याचिका में पदोन्नति के लिए रिक्त पदों के मुकाबले दो गुना प्लस चार कर्मचारियों को विचारणीय सूची में शामिल किए जाने पर भी सवाल उठाया। तर्क दिया गया कि केंद्र सरकार के नियमों में पांच गुना तक सूची तैयार करने का प्रविधान है।

16 अक्टूबर को विशेष बेंच में होगी सुनवाई

मुख्य न्यायाधीश अल्पेश यशवंत कोगजे व न्यायमूर्ति विवेक जैन की युगलपीठ ने याचिका पर सुनवाई की और इसे 16 अक्टूबर को विशेष बेंच के समक्ष सूचीबद्ध करने के निर्देश दिए हैं।

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