
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। इंदौर शहर में एनिमल बाइट के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। जुलाई-अगस्त के आंकड़ों पर नजर डालें तो डॉग बाइट के मामले जहां 8 हजार को पार कर गए हैं, वहीं चौंकाने वाला आंकड़ा मंकी बाइट को लेकर सामने आया है। शहर में बंदर नहीं पाए जाते हैं, इसके बावजूद मंकी बाइट के मामले सामने आए हैं। मंकी बाइट से पीड़ित लोग अस्पताल पहुंचे हैं।
दो महीने में ही 176 लोग बंदरों के काटने के बाद इलाज के लिए हुकुमचंद पॉली क्लीनिक पहुंचे। जुलाई के महीने में 80 केस मिले, इसमें से 46 पुरुष, 23 महिलाएं और 11 बच्चे थे। अगस्त में मंकी बाइट के 96 केस सामने आए। इसमें 66 पुरुष, 19 महिलाएं और 19 बच्चे हैं।
शहर में कुत्ते, बिल्ली और घरों में चूहे तो आसानी से मिल जाते हैं, तो इन जानवरों के काटने से अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों का आंकड़ा तो समझ आता है, लेकिन चौंकाने वाला मामला मंकी बाइट के बाद इलाज कराने पहुंच रहे मरीजों का है।
शहर के आसपास कहीं भी आसानी से बंदर नहीं मिलते हैं, ऐसे में दो महीने में ही लगभग पौने दो सौ लोगों का मंकी बाइट की वजह से अस्पताल पहुंचना चौंकाता है। जुलाई के मुकाबले अगस्त के महीने में रेट बाइट के मामले भी बढ़े हैं। जुलाई में चूहों के काटने के 211 केस आए थे, वहीं अगस्त में ये आंकड़ा बढ़कर 233 तक पहुंच गया।
| एनिमल टाइप | पुरुष | महिला | बच्चे | कुल |
| एनिमल बाइट | 5 | 0 | 0 | 5 |
| कैट बाइट | 171 | 123 | 47 | 341 |
| मंकी बाइट | 46 | 23 | 11 | 80 |
| रेट बाइट | 124 | 68 | 19 | 211 |
| डॉग बाइट | 2628 | 789 | 701 | 418 |
| एनिमल टाइप | पुरुष | महिला | बच्चे | कुल |
| एनिमल बाइट | 11 | 1 | 0 | 12 |
| कैट बाइट | 145 | 99 | 67 | 311 |
| मंकी बाइट | 66 | 23 | 7 | 96 |
| रेट बाइट | 136 | 70 | 27 | 233 |
| डॉग बाइट | 2603 | 787 | 634 | 4024 |
यह भी पढ़ें- कुत्ता काटने के पांच माह बाद युवक की मौत, एंटी रैबीज इंजेक्शन नहीं लगवाने से बिगड़ी तबीयत