
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम (एमपीआरडीसी) में 49 लाख रुपये का घोटाला सामने आया है। तत्कालीन मैनेजर और कंडक्टर पर गबन का आरोप लगाया गया है। एमजी रोड पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में 12 म्यूल खातों की जानकारी मिली है। टीआइ विजयसिंह सिसोदिया के अनुसार एमपीआरडीसी के संभागीय प्रबंधक अशोक सिंह तोमर द्वारा लिखित शिकायत दर्ज करवाई है।
उन्होंने पुलिस को बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने 2013 में कर्मचारियों के हित में आदेश जारी किया था। कोर्ट ने अपने आदेश में 1998 से 2016 तक रिटायर हुए कर्मचारियों को भुगतान (एरियर) जारी करने के लिए कहा था। कोर्ट के आदेश पर इंदौर संभाग के करीब 512 कर्मचारियों के खातों में एरियर की राशि ट्रांसफर की गई। शिकायत में बताया कि 500 कर्मचारियों को तो भुगतान किया मगर 12 फर्जी खातों में भी राशि ट्रांसफर कर दी गई।
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शिकायतकर्ता ने तत्कालीन संभागीय प्रबंधक राजेश मीणा और कंडक्टर शकील पर गबन का आरोप लगाया है। टीआइ के मुताबिक भुगतान की राशि करोड़ों में है। लेकिन 12 संदिग्ध खातों में 49 लाख रुपये का भुगतान किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।