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पति को कंधे पर बैठाया और पत्नी का कर दिया मुंडन, आदिवासी महिला को मिली अमानवीय सजा, 4 गिरफ्तार

झाबुआ में एक बार फिर आदिवासी महिला को अमानवीय सजा देने का मामला सामने आया है। अबला महिला का जोर जबरदस्ती मुंडन किया गया और उसके पति को उसके कंधे पर बै...और पढ़ें

By Bhupendra SinghEdited By: Dheeraj Belwal
Publish Date: Tue, 14 Apr 2026 10:08:05 PM (IST)Updated Date: Tue, 14 Apr 2026 10:08:05 PM (IST)
पति को कंधे पर बैठाया और पत्नी का कर दिया मुंडन, आदिवासी महिला को मिली अमानवीय सजा, 4 गिरफ्तार
झाबुआ के बालवासा में महिला के साथ बर्बरता।

HighLights

  1. महिला सशक्तिकरण के दावों की खुली पोल
  2. झाबुआ के बालवासा में महिला के साथ बर्बरता
  3. वीडियो वायरल होने के बाद एक्शन में पुलिस

नईदुनिया प्रतिनिधि, झाबुआ। जिले में एक बार फिर आदिवासी महिला को अमानवीय सजा देने का मामला सामने आया है। अबला महिला का जोर जबरदस्ती मुंडन किया गया और उसके पति को उसके कंधे पर बैठा दिया गया। इसके बाद महिला को पूरे गांव में घुमाया गया। इस दौरान अभद्र भाषा का उपयोग करते हुए महिला को प्रताड़ित भी किया गया। ऐसा करने वालों के हाथों में लाठी थी। दरअसल महिला अपने पति के साथ नहीं रहना चाहती थी। बस महिला को अपनी इस इच्छा के कारण गंभीर मानसिक और शारीरिक जुल्म सहना पड़ा।

14 अप्रैल को इस शर्मनाक घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस एक्शन में आई। चार आरोपितों को गिरफ्तार करके न्यायालय में प्रस्तुत किया गया जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। यह दिल दहला देने वाली घटना थाना काकनवानी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बालवासा की बताई जा रही है। रविवार की रात का यह वीडियो बताया जा रहा है। सोमवार को यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। इसके बाद पुलिस की जानकारी में यह घटना आई।


पुलिस की त्वरित कार्रवाई

मामले की जानकारी मिलते ही थाना काकनवानी पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अपराध क्रमांक 96/2026 पंजीबद्ध किया। प्रकरण में धारा 74, 76, 85, 296(ए), 115 दो, 351 तीन एवं तीन, पांच भारतीय न्याय संहिता के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। बताया जा रहा है कि वीडियो के आधार पर कुल दस आरोपितों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है जिसमें से चार को गिरफ्तार किया जा चुका है। शेष की तलाश जारी है।

4 आरोपितों की गिरफ्तारी

पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मामले में शामिल चार आरोपितों को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। गिरफ्तार आरोपितों में सूर्या पुत्र रसिया डामोर निवासी ग्राम पलाशडोर, दिलीप पुत्र बाबू भूरिया निवासी ग्राम बालवासा, बाबू भूरिया पुत्र गोवर्धन निवासी ग्राम बालवासा तथा शैलेश पुत्र परथिग भूरिया निवासी ग्राम बालवासा शामिल हैं।

झाबुआ जिले में जारी है तालिबानी सजा

महिला सशक्तिकरण के सभी दावे जिले में समय आते ही दम तोड़ देते हैं। कारण यह है कि स्थानीय प्रभावशाली लोगों के मापदंड अनुसार जब कोई गुनाह होता है तो उसकी सजा वे तय ही नहीं करते बल्कि सामूहिक रूप से बेखौफ होकर सजा देते भी हैं। पहले तो ऐसी कठोर कृत्यों के बारे में किसी को पता भी नहीं चल पाता था।

संयोग से अब गांव-गांव में एंड्रॉयड मोबाइल पहुंच गया है तो उक्त पंचायती सजा का वीडियो बन जाता है। फिर यह वीडियो जब वायरल हो जाते हैं तो पुलिस एक्शन में आती है। हाल ही की घटना में भी ऐसा ही हुआ। वधू मूल्य प्रथा के प्रचलन ने महिलाओं की स्थिति यहां वस्तु के समान बना रखी है। महिला को अपनी आजादी से निर्णय लेने का कोई हक नहीं है।

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महिलाओं की स्वतंत्रता पर भारी पड़ती कुप्रथाएं

जब उसकी शादी एक बार वधू मूल्य लेकर उसका पिता कर देता है तो फिर पिता का कोई अधिकार नहीं बचता। विवाहित महिला एक बार सुसराल चली जाती है तो फिर वह उनकी संपत्ति की तरह हो जाती है। ऐसे में महिला यदि अपने पति को खारिज करे और किसी अपने पसंद के अन्य युवक के साथ रहना चाहे तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ते हैं। उसे गांव में सार्वजनिक सजा दी जाती है। पति को कंधे पर बैठाकर यह दर्शाया जाता है कि उसे अब अपने पति के साथ ही रहना पड़ेगा।

तालिबानी सोच यह रहती है कि महिला को कठोर दंड खुले रूप से दिया जाए ताकि वह भविष्य में ऐसी गलती नहीं करे और अन्य महिलाएं भी ऐसा करने से भयभीत रहे। यही तालिबानी मानसिकता महिलाओं की स्वतंत्रता पर आजादी के 79 वर्षों बाद भी भारी पड़ रही है।