
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर : लसूड़िया क्षेत्र में रहने वाले एक निजी कंपनी के कर्मचारी से शेयर बाजार में निवेश के नाम पर 15.25 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया है। आरोपियों ने निवेश पर मुनाफे का झांसा देकर अलग-अलग बैंक खातों में राशि जमा कराई।
जब पीड़ित ने रुपये वापस निकालने की कोशिश की, तो रकम नहीं मिली। आरोपितों ने जमा राशि लौटाने के बदले 20 प्रतिशत चार्ज मांगा। शिकायत के बाद रविवार को लसूड़िया पुलिस ने अज्ञात मोबाइल नंबर और खाताधारक के खिलाफ एफआइआर दर्ज की।
लसूड़िया पुलिस के अनुसार महालक्ष्मी नगर स्थित एक भवन में रहने वाले रवींद्र साबले एक निजी कंपनी में नौकरी करते हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि पांच सितंबर को उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से वाट्सएप मैसेज आया था। इसमें उन्हें शेयर बाजार में निवेश करने का सुझाव दिया और निवेश पर अलग-अलग तरह के मुनाफे की जानकारी दी गई।
रवींद्र की अनुमति के बाद उन्हें एक वाट्सएप कम्युनिटी ग्रुप में जोड़ दिया। ग्रुप में आरोपितों ने अलग-अलग कंपनियों में निवेश करने की बात कही। इसके बाद रवींद्र की एक आईडी बनाकर उन्हें पासवर्ड दिया और अपने अकाउंट से लॉगिन करने के लिए कहा गया।
आरोपितों ने शुरुआत में सेंट्रल बैंक के खाते में 85 हजार रुपये जमा कराए। इसके बाद भुगतान पर मुनाफा दिखाया और बैंक आफ इंडिया के खाते में 10 लाख रुपये जमा करा लिए। फिर बंधन बैंक के खाते में दो लाख रुपये और सेंट्रल बैंक में तीन ट्रांजेक्शन के जरिए 80 हजार रुपये जमा कराए गए।
इसके बाद यस बैंक के खाते में भी राशि जमा कराई गई। इस तरह रवींद्र ने कुल लगभग 15 लाख 25 हजार रुपये जमा किए। जब उन्होंने अपने अकाउंट से राशि वापस निकालने की कोशिश की तो रुपये नहीं मिले। वह लगातार आरोपितों के संपर्क में रहे, लेकिन वे अलग-अलग बहाने बनाते रहे।
रवींद्र ने आरोपितों से बिना मुनाफे के अपने 15 लाख 25 हजार रुपये लौटाने की बात कही। इस पर आरोपितों ने जमा राशि वापस करने के बदले 20 प्रतिशत चार्ज जमा करने को कहा। रवींद्र ने चार्ज देने से इनकार किया तो आरोपितों ने राशि लौटाने से भी मना कर दिया। इसके बाद रवींद्र को अपने साथ धोखाधड़ी होने का संदेह हुआ। उन्होंने साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत की। लसूड़िया पुलिस ने अज्ञात मोबाइल नंबर और खाताधारकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की।
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