
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। एयरपोर्ट से बंगाली चौराहा के बीच प्रस्तावित मेट्रो के अंडरग्राउंड ट्रैक और शहर की हेरिटेज इमारतों के बीच दूरी को लेकर मंगलवार को प्रशासनिक समिति ने मौके पर जांच की। कलेक्टर द्वारा गठित समिति की मौजूदगी में मेट्रो अधिकारियों और याचिकाकर्ता किशोर कोडवानी ने राजवाड़ा, कृष्णपुरा छत्री और बोलिया सरकार की छत्री सहित कई स्थलों का निरीक्षण किया।
जांच के दौरान मेट्रो अलाइनमेंट से राजवाड़ा की दूरी 205 मीटर, कृष्णपुरा छत्री की 188 मीटर और बोलिया सरकार छत्री की 178 मीटर मापी गई। वहीं, राजवाड़ा क्षेत्र स्थित दुर्गा मंदिर की दूरी करीब 80 मीटर पाई गई। सर्वे के दौरान मेट्रो अलाइनमेंट, राजस्व नक्शों और गूगल मैप के आधार पर दूरी का सत्यापन किया गया।
याचिकाकर्ता किशोर कोडवानी ने दावा किया कि नियमानुसार किसी भी हेरिटेज या पुरातात्विक महत्व की इमारत से मेट्रो निर्माण की दूरी 300 मीटर होना आवश्यक है, जबकि जांच में सामने आए आंकड़े इससे कम हैं। उन्होंने कहा कि शहर की कई पुरानी संरचनाएं मेट्रो परियोजना के प्रभाव क्षेत्र में आ रही हैं, इसलिए इनके संरक्षण को लेकर गंभीरता जरूरी है।
वहीं, मेट्रो अधिकारियों का कहना है कि लागू प्रावधानों के अनुसार 100 मीटर दूरी पर्याप्त मानी जाती है और निरीक्षण में सामने आए सभी प्रमुख हेरिटेज स्थलों की दूरी निर्धारित मानक से अधिक है। पुरात्तव विभाग ने इसी के आधार पर अनुमति भी जारी की है। इस दौरान मल्हारगंज एसडीएम निधि वर्मा, तहसीलदार लोकेश आहुजा, मेट्रो के इंजीनियर मौजूद रहे।
कोडवानी ने प्रशासन को 33 हेरिटेज इमारतों की सूची सौंपी थी। इनमें इमामवाड़ा, गोपाल मंदिर, बांके बिहारी मंदिर और शिव विलास पैलेस को शामिल करते हुए इनके पुरातात्विक महत्व की जांच कराने की मांग की।कोडवानी का कहना है कि यह 200 साल पुरानी इमारते है और पुरात्तव महत्व की है। मामले में 4 जून को कलेक्टर शिवम वर्मा द्वारा सुनवाई की जाएगी।