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अहिल्या पथ के नाम पर आठ गांवों में जमीनों के सौदों पर रोक, इंदौर में हजारों किसानों ने घेरा आइडीए

इंदौर में अहिल्या पथ योजना अटकने से आठ गांवों की करीब 1400 हेक्टेयर जमीन दो साल से प्रभावित है। खरीदी-बिक्री और विकास पर रोक से किसान परेशान हैं।

By prem jatEdited By: Anurag Mishra
Publish Date: Thu, 17 Sep 2026 11:31:21 AM (IST)Updated Date: Thu, 17 Sep 2026 11:34:13 AM (IST)
अहिल्या पथ के नाम पर आठ गांवों में जमीनों के सौदों पर रोक, इंदौर में हजारों किसानों ने घेरा आइडीए
अहिल्या पथ के नाम पर आठ गांवों में जमीनों के सौदों पर रोक। (नईदुनिया)

HighLights

  1. अहिल्या पथ योजना का प्रस्ताव 2024 से अटका हुआ है।
  2. आठ गांवों की करीब 1400 हेक्टेयर जमीन प्रभावित हुई।
  3. किसान जमीन पर सिर्फ कृषि कार्य कर पा रहे हैं।

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर : अहिल्या पथ योजना के कारण रिजलाय से पालाखेडी, बुढ़ानिया होते हुए रेवती तक आठ गांवों की 1400 हेक्टेयर के करीब जमीन करीब दो साल से उलझी हुई है। योजना पर अमल तो नहीं हो सका, लेकिन किसानों की जमीन की खरीदी-बिक्री और डेवलपमेंट पर प्रतिबंध भी नहीं हटे।

आठ गांवों के हजारों किसान अपनी जमीनों पर सिर्फ खेती ही कर पा रहे है। परेशान किसानों ने बुधवार को आइडीए के बाहर धरना दिया। किसानों की मांग थी कि जमीनों पर लगाए गए सभी प्रतिबंध हटाए जाए। किसान दिनभर हाथों में तख्तिया लेकर बैठे रहे।


ये है पूरा मामला

  • दरसअल आइडीए ने धार रोड के पास ग्राम रिजलाय से उज्जैन रोड के रेवती तक 15 किमी लंबी अहिल्या पथ सड़क और पांच स्कीमों का प्रस्ताव 2024 में तैयार किया गया था। इस प्रस्ताव को शासन ने योजना को सड़क के दोनों तरफ प्रस्तावित कर फिर से भेजने के निर्देश के साथ वापस लौटा दिया।इसके बाद से ही यह प्रस्ताव अटका हुआ है।
  • किसान नेता बब्लू जाधव, लाखन सिंह, संजय सुसनेर ने बताया कि आठ गांव के किसान सिर्फ कृषि संबंधि कार्य ही कर पा रहे है। खरीदी-बिक्री और विकास अनुमतियों पर रोक के कारण कोई भी इन गांवों में जमीन नहीं खरीद रहा है। इससे किसान जरूरत होने पर भी अपनी पुस्तैनी जमीन का उपयोग नहीं कर पा रहा।

  • धरना दे रहे किसानों से मिलने के लिए आइडीए सीईओ परिक्षीत झाडे और अन्य अधिकारी पहुंचे और शासन स्तर से निर्णय होने की बात कही। अधिकारियों ने कहा कि शासन स्तर पर आपकी समस्या को पहुंचाया जाएगा । धरना समाप्त कर दे, लेकिन किसान नहीं माने।
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    दाल-बाटी बनाने से रोका

    किसान नेता बब्लू जाधव ने बताया कि दिनभर धरना दे रहे भूखे प्यासे किसानों ने शाम को सड़क किनारे मालवी दाल-बाटी बनाने की योजना थी, लेकिन प्रशासन और पुलिस ने इसकाे रोक दिया। किसान बिना कुछ खाए पीये ही धरना देते रहेंगे। इसको लेकर पहले कलेक्टर को ज्ञापन दिया जा चुका है, इसलिए अब ज्ञापन नहीं दिया जाएगा।

    पांच चरणों में बनाई जाती सड़क और योजना

    • अहिल्या पथ - 1 में 4.5 किमी
    • अहिल्या पथ - दो में 1.8 किमी
    • अहिल्या पथ - तीन में 2.4 किमी
    • अहिल्या पथ - चार में 1.25 किमी
    • अहिल्या पथ - पांच में 5 किमी

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