
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। विभिन्न मांगों को लेकर मंगलवार को जयस छात्र संगठन के छात्रों ने कलेक्टर कार्यालय के बाहर जमकर प्रदर्शन किया। छात्र टंट्या भील चौराहे से पैदल मार्च करते हुए कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। छात्रों का कहना है कि मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (एमपीईएसबी) द्वारा आयोजित भर्ती एवं परीक्षा प्रक्रियाओं में भारी गड़बड़ियां हैं। परीक्षा प्रणाली में बार-बार बदलाव, ऋणात्मक मूल्यांकन (नेगेटिव मार्किंग), अत्यंत कम पदों पर भर्ती, बढ़ती परीक्षा फीस तथा चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता के अभाव जैसे मुद्दों ने युवाओं के भविष्य पर गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़े कर दिए हैं।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने हाथों में तख्तियां पकड़ रखी थीं। कड़ी धूप में कार्यालय के बाहर बैठे और कलेक्टर से मिलने का इंतजार करते रहे। काफी देर बाद भी जब कलेक्टर उनसे मिलने नहीं आए तो छात्रों का धैर्य टूट गया। उन्होंने कलेक्टर ऑफिस में घुसने की कोशिश की और बैरिकेडिंग हटाने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस ने उन्हें रोक दिया, जिससे दोनों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। कुछ समय तक माहौल तनावपूर्ण बना रहा।
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छात्रों का कहना था कि प्रदेश में लगातार छात्रों के साथ अन्याय और शोषण हो रहा है। उन्होंने बैकलॉग भर्ती, परीक्षा में गड़बड़ी और भ्रष्टाचार रोकने जैसी मांगें उठाईं। साथ ही बेरोजगारी का मुद्दा भी प्रमुख रूप से रखा। काफी देर बाद एडीएम रोशन राय मौके पर पहुंचे और छात्र नेताओं से चर्चा की। उन्होंने छात्रों का ज्ञापन लिया और उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद समझाइश के बाद प्रदर्शन शांत हुआ और छात्र वापस लौट गए।