
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर : लसूड़िया में हुए मॉब लिंचिंग मामले के मुख्य आरोपी ने मंगलवार को कोर्ट में सरेंडर कर दिया। लसूड़िया पुलिस ने आरोपित पर 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। हालांकि, उसने विजय नगर थाने के एक पुराने वारंट के मामले में मजिस्ट्रेट के सामने सरेंडर किया।
लसूड़िया पुलिस को भी कोर्ट की ओर से इसकी जानकारी दी गई है। लसूड़िया में चंदर नाम के युवक की गाय चोरी के आरोप में पिटाई की गई थी, जिसके बाद पिछले दिनों उसकी मौत हो गई थी। इस मामले में कुख्यात बदमाश सूरज जाट की भी पुलिस को तलाश थी। पुलिस इस मामले में करणी सेना के पदाधिकारी मानसिंह राजावत को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि सूरज जाट लंबे समय से फरार था।
जानकारी के अनुसार सूरज ने मंगलवार को विशेष न्यायालय में जज के सामने सरेंडर किया। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था और कई थानों की पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। सूरज पर हत्या समेत परदेशीपुरा क्षेत्र में मेंबर राजेंद्र राठौर के घर पर गोली चलाने जैसे कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।
सूरज जाट का 2020 का एक वारंट था, जिसमें विजय नगर पुलिस को जानकरी नहीं थी। लसूड़िया पुलिस को मंगलवार को जब सरेंडर की जानकारी लगी तो वह कोर्ट पहुंची यहां हत्या के मामले में उसकी कस्टडी मांगी, लेकिन कोर्ट ने उसका जेल वारंट काट दिया। हालांकि लसूड़िया पुलिस अब सूरज को जेल से प्रोडक्शन वारंट पर पूछताछ के लिए लेकर आएगी।
इंदौर के लसूड़िया थाने की पुलिस जिस आरोपी को हत्याकांड में पिछले एक महीने से तलाश रही थी, वह सीधे कोर्ट में पेश हुआ और जज के आदेश पर जेल चला गया।
पुलिस को हत्या के मामले में उसका रिमांड भी नहीं मिल सका। खास बात यह है कि सूरज जिस थाने के हत्याकांड में आरोपी है, उसी थाने से जारी एक अन्य वारंट के मामले में भी वह करीब एक सप्ताह पहले कोर्ट पहुंचा था। वारंट नहीं मिलने पर मजिस्ट्रेट ने उसे दो दिन बाद आने को कहा था। इसके बाद वह दूसरे थाने के वारंट के मामले में कोर्ट में पेश हुआ और जेल चला गया।
लसूड़िया इलाके में 22 दिन पहले देवास नाका निवासी चंदर लोहार की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। हत्याकांड में पंचवटी कॉलोनी निवासी सूरज जाट का नाम सामने आया था। सूरज पर हत्या और लूट समेत करीब दो दर्जन गंभीर अपराध दर्ज हैं।
उसकी गिरफ्तारी के लिए लसूड़िया पुलिस लगातार प्रयास कर रही थी। डीसीपी जोन-2 अमन राठौर ने उस पर 10 हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया था। उसकी पत्नी ने पुलिस पर एनकाउंटर की आशंका जताई थी।
गिरफ्तारी को लेकर हाईकोर्ट के वकील पवन राय के माध्यम से कोर्ट में आवेदन भी लगाया गया था। हालांकि, पुलिस ने कोर्ट को बताया था कि वह सूरज को तलाश रही है और उसके बारे में कोई जानकारी नहीं है।
पहले रंगदारी के वारंट में कोर्ट पहुंचा था, अब विजय नगर के वारंट में जेल गया
सूरज पर लसूड़िया थाने में काफी समय पहले रंगदारी का केस दर्ज हुआ था। इसमें सूरज जाट के साथ उदय को आरोपी बनाया गया था। इस मामले में सूरज का वारंट जारी हुआ था।
वह करीब एक सप्ताह पहले कोर्ट में सरेंडर करने पहुंचा था, लेकिन वारंट नहीं मिलने पर कोर्ट ने उसे दो दिन बाद आने को कहा। सूरज दो घंटे से ज्यादा समय तक कोर्ट परिसर में बैठा रहा, लेकिन लसूड़िया पुलिस को इसकी जानकारी नहीं हुई। बाद में वह इस मामले में कोर्ट के सामने पेश नहीं हुआ।
इसके बाद सूरज मंगलवार को कोर्ट पहुंचा। वह विजय नगर के एक लूट के मामले में जारी वारंट के संबंध में पेश हुआ। कोविड काल में आबकारी आरक्षक के साथ लूट के मामले में उसके खिलाफ विजय नगर थाने में एफआईआर दर्ज हुई थी। इस मामले में वह पेशी पर नहीं जा रहा था, जिसके चलते उसका वारंट जारी हुआ था।
सूरज काफी देर तक कोर्ट में मौजूद रहा, लेकिन पुलिस उसे गिरफ्तार करने नहीं पहुंची। बाद में जज ने उसे वारंट के मामले में जेल भेज दिया। पुलिस के पहुंचने तक सूरज जेल जा चुका था, इसलिए हत्या के मामले में उसका रिमांड नहीं मिल सका। खास बात यह है कि वारंट विजय नगर थाने से ही कोर्ट पहुंचा था, लेकिन लसूड़िया पुलिस को इसकी जानकारी नहीं लगी।
यह भी पढ़ें- MP में फरार अपराधियों की अब खैर नहीं; बैंक, IT और ट्रांसपोर्ट विभाग से पुलिस जुटाएगी ब्योरा, होगी कुर्की