
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर : यातायात के बढ़ते दवाब को लेकर एबी रोड पर एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया जा रहा है। महीनों बाद प्रोजेक्ट ने रफ्तार पकड़ ली है। मिट्टी की जांच पूरी होने के बाद अब एलआईजी से इंडस्ट्री हाउस और पलासिया से गीताभवन के बीच नींव (फाउंडेशन) बनाने का काम किया जा रहा है।
कुछ स्थानों पर पिलर खड़े करने के लिए लोहे के सरियों का ढांचा भी तैयार किया गया है। हालांकि निर्माण क्षेत्र में अब तक पानी की पाइपलाइन और बीएसएनएल की लाइनें शिफ्ट नहीं हुई हैं। इन्हें दूसरी जगह स्थानांतरित करने की प्रक्रिया नवंबर में शुरू होने की संभावना है।
एलआईजी चौराहे से नवलखा तक बनने वाले इस एलिवेटेड कॉरिडोर की लंबाई करीब 6.5 से 7.4 किलोमीटर है। प्रोजेक्ट पर लगभग 350 करोड़ रुपये खर्च बताया है। निर्माण लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की ब्रिज सेल की देखरेख में किया जा रहा है। कारिडोर बनने से एबी रोड पर यातायात का दबाव कम होगा।
इन दिनों फाउंडेशन का काम चल रहा है। इस क्षेत्र में नर्मदा की पाइपलाइन, ड्रेनेज लाइन और अन्य उपयोगिता सेवाएं मौजूद हैं। ऐसे में पिलर बनाने से पहले संबंधित लाइनों को सुरक्षित तरीके से दूसरी जगह स्थानांतरित करना जरूरी है। नगर निगम और बीएसएनएल को भी अपनी लाइनें शिफ्ट करने पर जोर दिया है। इन कार्यों में देरी होने पर निर्माण की गति प्रभावित हो सकती है।
गीताभवन से जीपीओ चौराहे के बीच जमीन पथरीली होने के कारण पिलर की नींव तैयार करने में अधिक मेहनत करनी पड़ सकती है। यहां खुदाई के लिए विशेष तकनीक की जरूरत पड़ सकती है। ब्रिज सेल के प्रभारी जय कुमार मीणा ने कहा कि कारिडोर के फाउंडेशन बनाने का काम चल रहा है, जिसमें कुछ जगह पिलर के ढांचा खड़ा किया जा रहा है। वे बताते है कि निर्माण स्थल से कुछ लाइनों को शिफ्ट किया जाना है। इसके लिए संबंधित विभागों को पत्र लिखा गया है।
यह भी पढ़ें- इंदौर एलिवेटेड कॉरिडोर का काम होगा शुरू, प्रेस कॉम्प्लेक्स से LIG के बीच डलेंगी पाइल, जाम से मिलेगी बड़ी राहत