
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। इंदौर शहर में त्योहार, जुलूस व सार्वजनिक आयोजनों में चमकीली पन्नियां नहीं उड़ाई जा सकेंगी। आयोजन में ग्लिटर या माइलर के उपयोग पर जिला प्रशासन ने प्रतिबंध लगाया है। कलेक्टर ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत जन सामान्य के स्वास्थ्य के हित एवं लोक शांति बनाए रखने हेतु आदेश जारी किया है। आदेश 22 नवंबर 2026 तक प्रभावशील रहेगा। इसका उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध बीएनएस 2023 की धारा- 223 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
संस्था सरोकार ने प्रशासन से आग्रह किया है कि इस वर्ष हुई कम वर्षा को देखते हुए शहर भर में गणेश पंडाल लगाने वालों से अपने समीप के किसी सार्वजनिक बगीचे में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगवाने की अनिवार्यता सुनिश्चित की जाए। इस संबंध में महापौर को भी संदेश भेजा गया है। इसके लिए संभागायुक्त से भी संपर्क किया जाएगा।
संस्था का कहना है कि इस नवाचार से शहर को आगामी गर्मियों में संभावित जलसंकट से बचाया जा सकेगा। संस्था के संयोजक राम मूंदड़ा व अशोक डागा ने कहा कि सभी शहरवासी इस बार हुई कम वर्षा से अत्यंत चिंतित हैं। इसके दुष्प्रभाव आने वाली गर्मियों में देखने को मिलेंगे। इसलिए किसी नवाचार को प्रभावी करना होगा।
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निगम द्वारा रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने की अपील भी बेअसर साबित हुई है। ऐसे में सार्वजनिक जीवन में काम करने वाली संस्थाओं पर यह जिम्मेदारी दी जानी चाहिए। यदि कोई संस्था सहयोग नहीं करे तो आगामी नवरात्र में उसे पंडाल की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।