
इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। सांवेर रोड औद्योगिक क्षेत्र में उद्योग विभाग की खाली जमीन पर अलग-अलग जगह बांग्लादेशी घुसपैठियों ने अतिक्रमण कर मकान और झाेपड़े बना लिए हैं। एसोसिएशन आफ इंडस्ट्रीज मध्यप्रदेश (एआइएमपी) के पदाधिकारियों ने सोमवार को कलेक्टर मनीषसिंह को इसकी शिकायत की। एआइएमपी की शिकायत के बाद कलेक्टर ने एसडीएम मुनीषसिंह सिकरवार को मामले की जांच के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासकीय जमीन पर अतिक्रमण कर रह रहे नागरिकों की पहचान की जाएगी।
बताया जाता है कि प्रदेश की पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री उषा ठाकुर के संज्ञान में भी यह मामला आया है। उन्होंने भी प्रशासन को जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। एआइएमपी पदाधिकारियों के मुताबिक, सांवेर रोड औद्योगिक क्षेत्र के सेक्टर-ई और एफ में शासकीय भूमि पर लगभग 150 ऐसे मकान बन चुके हैं। कई झोपड़े तो ठीक उद्योगों के सामने ही बन गए हैं। सेक्टर-ई में तो कन्वेंशन सेंटर के आसपास बड़े पैमाने पर शासकीय जमीन अतिक्रमण से घिर चुकी है। इससे कन्वेंशन सेंटर जाने का रास्ता भी रुक रहा है। साथ ही औद्योगिक क्षेत्र में ट्रकों का आवागमन भी बाधित हो रहा है।
अतिक्रामकों के कई झोपड़े तो मुख्य मार्ग से सटकर ही बनाए गए हैं। उद्यमियों का कहना है कि यहां झोपड़े के आसपास खाली जमीन पर शाम होते ही शराबखोरी और नशाखोरी हाेने लगती है। इससे औद्योगिक क्षेत्र का वातावरण खराब हो रहा है। अतिक्रमण की समस्या बताने के साथ ही एआइएमपी के पदाधिकारियों ने इंदौर को प्रधानमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार मिलने पर कलेक्टर का अभिनंदन भी किया। इस दौरान कलेक्टर ने औद्योगिक क्षेत्र में हरियाली के लिए उद्यमियों से पौधारोपण करने की अपील की।
कनाड़िया की प्रगति पार्क-2 कालोनी में नक्शा पास करने और विकास अनुमति पर रोक
कनाड़िया की प्रगति पार्क-2 कालोनी की जमीन को लेकर की गई शिकायत के बाद प्रशासन की जांच में सामने आया है कि यहां अवैध तरीके से कालोनी विकसित की गई है। बिना अनुमति कालोनी की भूमि का उपखंडों में विभाजन कर दिया गया। इस पर प्रशासन ने कालोनी का नक्शा पास करने और विकास अनुमति पर रोक लगाई है। इसके लिए कलेक्टर मनीषसिंह ने नगर निगम आयुक्त और नगर तथा ग्राम निवेश के अधिकारियों को दोषी व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
दरअसल, यह गौरव मेहता की ओर से शिकायत की गई है कि कनाड़िया में उनकी मां लता मेहता द्वारा 0.401 एकड़ जमीन जमीन खरीदी गई थी। उसी समय बटांकन और सीमांकन कर जमीन का कब्जा भी ले लिया था। बाद में इस भूमि पर रीना मोतीलाल वाधवानी के नाम का बोर्ड लगा पाया गया। शिकायत की जांच में पता चला कि इस जमीन पर मेसर्स आस्था कंस्ट्रक्शन कंपनी के नाम का एक काल्पनिक मानचित्र तैयार किया गया है। यह मानचित्र टी एंड सीपी से स्वीकृत नहीं है, न ही विकास अनुमति प्राप्त की गई है। वास्तव में प्रगति पार्क-2 कालोनी की अन्य जमीन में इस जमीन को भी अवैध तरीके से शामिल कर लिया गया था।