
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। प्रदेशभर के बंजारा समाज के सैकड़ों लोग महात्मा गांधी जयंती पर शुक्रवार को लालबाग में एकत्र हुए। इस अवसर पर निकाली गई रैली में समाज को अनुसूचित जनजाति (एसटी) वर्ग में शामिल करने सहित विभिन्न मांगें उठाई गईं। सुबह से एकजुट होने का सिलसिला दोपहर में रैली के रूप में बदला। भारत माता और संत सेवालाल के जयघोष लगाते हुए समाजजन कलेक्ट्रेट पहुंचे।
यहां मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया गया और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान समाजजन शाम करीब चार बजे तक प्रदर्शन स्थल पर डटे रहे। दोपहर 12 बजे समाज के संत श्रीजी महाराज धर्माधिकारी के पहुंचने के बाद समाजजन ने अपनी मांगों और समस्याओं को उनके सामने रखा। समाज के नेमीचंद नायक, मामराज पवार, भीम राठौर ने बताया कि समाज को वर्तमान आरक्षण व्यवस्था में अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है।
प्रमुख मांग समाज को एसटी वर्ग में शामिल करने की है। इसके साथ शिक्षा, रोजगार एवं व्यापार में अवसर उपलब्ध कराने, राजनीतिक सहभागिता बढ़ाने, विमुक्त एवं घुमक्कड़ जातियों के लिए विशेष प्रविधान करने तथा सामाजिक भेदभाव समाप्त करने जैसे मुद्दे भी उठाए गए।
समाजजन जत्थों में लालबाग पहुंचे। देवास नाका, रोबोट चौराहा, खजराना, लसूड़िया, विजय नगर, सत्यसाई, राजीव गांधी चौराहा, जवाहर टेकरी, फूटी कोठी, राऊ-खंडवा नाका और बाणगंगा सहित शहर के विभिन्न हिस्सों से वाहन रैलियां निकाली गईं।
इसमें समाजजन पारंपरिक वेशभूषा और हाथों में आरक्षण की मांग संबंधी तख्तियां लेकर शामिल हुए। महिलाओं की भी बड़ी उपस्थिति रही। इसके साथ ही विभिन्न जिलों से भी समाजजन जुटे थे। इस मौके पर भीम राठौर, बबलू राठौर, कमल वरतीया, रजबीर सिंह, देवराज सिंह आदि उपस्थित थे।
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सेवागढ़, आंध्रप्रदेश से आए बंजारा समाज के संत श्रीजी महाराज धर्माधिकारी ने पत्रकारों से चर्चा में कहा कि समाज की आवाज अब किसी एक जिले, प्रदेश या क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगी। समाज को उसके संवैधानिक अधिकारों, सामाजिक सम्मान और विकास के अवसरों से जोड़ने के लिए देशभर में चरणबद्ध एवं शांतिपूर्ण अभियान चलाया जाएगा।
पिछले वर्षों में देश के 14 से अधिक राज्यों में प्रवास कर समाज की जमीनी स्थिति को करीब से समझा है। हाल ही में आयोजित बंजारा एकता संकल्प यात्रा ने यह संदेश दिया है कि समाज अपने अधिकारों, पहचान और भविष्य को लेकर जागरूक है तथा एकजुट होकर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाना चाहता है।
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