
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर : साइबर ठगों के लिए बैंक खाते उपलब्ध कराने के खेल में आजाद नगर क्षेत्र की एक युवती का बैंक खाता (म्यूल अकाउंट) सामने आया है। खाताधारक प्रीति कुमारी वसुनिया उसको परिचित आशीष 5000 रुपये में उसे बेचा था। खाते की पासबुक, चेकबुक और एटीएम भी आशीष को सौंप दिए गए।
विजय नगर पुलिस के मुताबिक साइबर क्राइम पोर्टल पर उपलब्ध म्यूल खातों के डेटा की जांच के दौरान केनरा बैंक, स्कीम नंबर-54 विजय नगर की शाखा का यह खाता सामने आया। खाते का संबंध पश्चिम बंगाल में दर्ज साइबर ठगी की शिकायत से मिला। शिकायत बिधाननगर साइबर क्राइम थाने में दर्ज है।
जांच में सामने आया कि प्रीति ने आशीष के कहने पर अपने नाम से बैंक में खाता खुलवाया था। इसके बाद उसने बैंक की पूरी किट आशीष को दे दी। पुलिस के अनुसार प्रीति ने पूछताछ में बताया कि आशीष ने उससे अन्य बैंकों में भी खाते खुलवाए हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि ऐसे कितने खाते खुलवाए गए और उनका इस्तेमाल किन-किन साइबर अपराधों में हुआ है। पुलिस अब इसकी पूरी जांच पड़ताल करने में जुट गई है।
साइबर क्राइम पोर्टल पर दर्ज शिकायतों की जानकारी का बैंक रिकार्ड से मिलान करने पर उक्त खाते का संबंध पश्चिम बंगाल के बिधाननगर क्षेत्र में दर्ज साइबर फ्राड शिकायत से पाया गया। इससे पुलिस को प्रथम दृष्टया आशंका है कि खाते को योजनाबद्ध तरीके से साइबर अपराध में इस्तेमाल किया गया।
पुलिस अब आशीष और उसके संपर्क में रहने वाले अन्य लोगों की तलाश कर रही है। खाते से हुए लेन-देन, रकम प्राप्त करने और आगे ट्रांसफर करने वालों की जानकारी भी जुटाई जा रही है।
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