
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। सुनियोजित और आधुनिक शहरी विकास को बढ़ा कर इंदौर को पायलट सिटी के रूप में विकसित किया जाना है। इसके लिए सार्वजनिक परिवहन और मेट्रो कारिडोर के आसपास विकास को बेहतर किया जाएगा। सोमवार को कलेक्टर कार्यालय में इसको लेकर बैठक का आयोजन किया गया। इसमें एशियन विकास बैंक (एडीबी) के विशेषज्ञों सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल रहे। जिन्होंने नई कार्ययोजना बनाकर विकास पर मंथन किया।
शहरी विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ट्रांजिट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट (टीओडी) कार्यक्रम के संबंध में सोमवार को कलेक्टर शिवम वर्मा की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में इंदौर को टीओडी कार्यक्रम के अंतर्गत पायलट सिटी के रूप में विकसित करने की दिशा में विस्तृत चर्चा की गई तथा संबंधित विभागों द्वारा प्रस्तुतीकरण भी दिया गया।
कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा कि ट्रांजिट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट कार्यक्रम के माध्यम से सार्वजनिक परिवहन तंत्र के आसपास सुनियोजित और संतुलित शहरी विकास को बढ़ावा मिलेगा। इससे शहर की यातायात व्यवस्था में सुधार होगा और लोगों को बेहतर आवासीय, व्यावसायिक तथा सार्वजनिक सुविधाएं एक ही क्षेत्र में उपलब्ध कराई जा सकेंगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि टीओडी से जुड़े कार्यों के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ ठोस और प्रभावी कार्ययोजना तैयार करें।
बैठक में जानकारी दी गई कि आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा ट्रांजिट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट कार्यक्रम के अंतर्गत इंदौर को पायलट सिटी के रूप में चयनित किया गया है। इस कार्यक्रम के तहत एशियन विकास बैंक तकनीकी सहयोग प्रदान करेगा। इसके लिए भारत सरकार के आर्थिक मामलों के विभाग के साथ समझौता भी किया गया है।
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एडीबी की तकनीकी टीम ने नगर निगम, नगर एवं ग्राम निवेश, मेट्रो, इंदौर विकास प्राधिकरण और अन्य संबंधित विभागों के प्रतिनिधियों के साथ टीओडी की अवधारणा, इसके क्रियान्वयन की संभावनाओं तथा मेट्रो और अन्य सार्वजनिक परिवहन के आसपास सुनियोजित विकास के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की। अधिकारियों ने बताया कि इस पहल से शहर के विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।