• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • गणेशोत्‍सव 2026
  • हनुमान अंश
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • मानसून
  • वास्‍तु शास्‍त्र
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • इंदौर

इंदौर रचेगा नया इतिहास, देश का पहला 'जीरो वेस्ट जोन' बनाने की तैयारी, जोन-18 के चारों वार्ड होंगे कचरा मुक्त

इंदौर में एक पूरे जोन को जीरो वेस्ट बनाने की तैयारी है। इस जोन के चार वार्ड जीरो वेस्ट बनेंगे। इस तरह शहर में 10 जीरो वेस्ट वार्ड तैयार होंगे।

By Udaypratap SinghEdited By: Dheeraj Belwal
Publish Date: Tue, 17 Mar 2026 05:20:50 AM (IST)Updated Date: Tue, 17 Mar 2026 05:20:50 AM (IST)
इंदौर रचेगा नया इतिहास, देश का पहला 'जीरो वेस्ट जोन' बनाने की तैयारी, जोन-18 के चारों वार्ड होंगे कचरा मुक्त
देश का पहला 'जीरो वेस्ट जोन' बनाने की तैयारी। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. इंदौर की स्वच्छता में एक और 'नंबर 1' की तैयारी
  2. देश का पहला 'जीरो वेस्ट जोन' बनेगा वार्ड-18
  3. कचरे से कमाई और महिलाओं को मिलेगा रोजगार

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। स्वच्छता में हर बार नवाचार करने वाला नगर निगम कचरे को जोन स्तर पर भी प्रोसेस कर खत्म करने की तैयारी कर रहा है। शहर में बीते नौ वर्षों में अब तक छह जीरो वेस्ट वार्ड बनाए जा चुके हैं। अब शहर में एक पूरे जोन को जीरो वेस्ट बनाने की तैयारी है। इस जोन के चार वार्ड जीरो वेस्ट बनेंगे। इस तरह शहर में 10 जीरो वेस्ट वार्ड तैयार होंगे। इस तरह अगले स्वच्छ सर्वेक्षण की टीम के शहर में आने के पहले एक जीरो वेस्ट जोन तैयार होगा। इस तरह इंदौर देश में पहला जीरो वेस्ट जोन बनाएगा।

वार्ड स्तर पर कचरा निपटान और आर्थिक बचत

गौरतलब है कि शहर में अब तक बनाए गए छह जीरो वेस्ट वार्डों में वार्ड स्तर पर ही गीले-सूखे कचरे की प्रोसेसिंग, होम कम्पोस्टिंग और गार्डन वेस्ट मैनेजमेंट किया जा रहा है। इसके तहत प्रतिदिन 20 से 25 टन कचरे का निपटान वार्ड स्तर पर ही किया जा रहा है। इसके अलावा वार्ड से कचरा ट्रांसफर स्टेशन तक कचरे को ले जाने में 25 लाख रुपये प्रतिमाह का परिवहन शुल्क भी बच रहा है। अब निगम जोन नंबर 18 के चार वार्डों को भी जीरो वेस्ट बनाने की कवायद में जुटा है। इससे शहर में कुल 10 जीरो वेस्ट वार्ड हो जाएंगे और जोन नंबर 18 देश का पहला पूर्ण जीरो वेस्ट जोन बन जाएगा।


क्या है जीरो वेस्ट वार्ड की कार्यप्रणाली?

जीरो वेस्ट वार्ड यानी जहां कचरा उत्पन्न हो, वहीं खत्म हो। इंदौर नगर निगम ने अभी तक शहर में छह जीरो वेस्ट वार्ड बनाए हैं। इसमें सूखे कचरे की प्रोसेसिंग, होम कम्पोस्टिंग और गार्डन वेस्ट मैनेजमेंट का काम किया जा रहा है। इन वार्डों में मटेरियल रिकवरी सेंटर हैं, जहां सूखे कचरे की छंटाई होती है। नगर निगम के कचरा संग्रहण वाहन घरों से सूखा कचरा एकत्र कर वहां के मटेरियल रिकवरी सेंटर पर देते हैं। ये सेंटर सूखे कचरे में प्लास्टिक, कागज, लोहा, कपड़े और जूते के सोल को छांटकर संबंधित रिसाइकलर को देते हैं।

सीएसआर प्रोजेक्ट और आगामी योजना

सीएसआर प्रोजेक्ट के तहत गोदरेज प्रॉपर्टीज प्राइवेट कंपनी इंदौर में जीरो वेस्ट जोन बनाने के कार्य में सहयोग कर रही है। कंपनी तीन साल के लिए सात करोड़ रुपये की राशि नगर निगम इंदौर को देगी। इस राशि से जोन नंबर 18 में, जिसमें तीन इमली, आजाद नगर, आईटी पार्क और मूसाखेड़ी कॉलोनियां आती हैं, तीन इमली ब्रिज के नीचे एक मटेरियल रिकवरी सेंटर बनाया जाएगा। वर्तमान में इस जोन में प्रतिदिन 40 टन गीला व सूखा कचरा निकलता है।

खाद निर्माण और रोजगार के अवसर

इस जोन के चार वार्डों में 40 कम्पोस्ट पिट बनाकर गीले कचरे से खाद बनाई जाएगी। इस तरह सूखे व गीले कचरे की बिक्री से जो आय होगी, वह इस प्रोजेक्ट पर खर्च होगी। इंदौर में मार्च माह के अंत तक जोन नंबर 18 को जीरो वेस्ट जोन बनाने की योजना है। जीरो वेस्ट जोन में कचरे की प्रोसेसिंग साइट पर 20 रैगपिकर्स काम करेंगे और 10 अन्य सुपरवाइजर स्टाफ काम करेगा।

यह भी पढ़ें- भोपाल में 3 महीने बंद रहेगा सूखी सेवनिया-पटेल नगर रेलवे ओवरब्रिज, वाहनों का बदला रूट, इन रास्तों का करें इस्तेमाल

स्वच्छ सर्वेक्षण में जीरो वेस्ट वार्ड की थी अनिवार्यता

स्वच्छ सर्वेक्षण में पिछले वर्षो में जीरो वेस्ट वार्ड की अनिवार्यता रखी गई थी। इंदौर में सबसे पहले जीरो वेस्ट वार्ड बने थे। इसे देखकर अन्य शहरों ने भी अपने यहां जीरो वेस्ट वार्ड बनाए। जीरो वेस्ट वार्ड को आत्मनिर्भर वार्ड के रुप में शामिल किया गया है। संसाधनों खर्च होगा कम, महिला स्व सहायता समूहों को मिलेगा रोजगार नगर निगम पहली बार एक पूरे जोन को जीरो वेस्ट में रुप में तैयार करेगा। मार्च माह के अंत तीन ईमली ब्रिज के नीचे मटेरियल रिकवरी सेंटर बनेगा। यह मार्च अंत तय होगा। इसका बड़ा फायदा यह होगा कि निगम अपने संसाधनों खर्च करना पड़ेगा। महिला स्व सहायता समूहों को रोजगार मिल सकेगा।- प्रखर सिंह, अपर आयुक्त नगर निगम