_m.webp)
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर: भागीरथपुरा दूषित पानी कांड को लेकर इंदौर में दायर पांच जनहित याचिकाओं की सुनवाई गुरुवार को हाई कोर्ट में होगी। न्यायमूर्ति विजय कुमार शुक्ला और न्यायमूर्ति आलोक अवस्थी इस मामले की सुनवाई करेंगे। याचिकाओं में दोषियों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज करने और मृतकों के स्वजन को एक-एक लाख रुपये क्षतिपूर्ति दिलाने की मांगें शामिल हैं।
पिछली सुनवाई में कोर्ट ने मुख्य सचिव को उपस्थित होने का निर्देश दिया था। हालांकि राहत देते हुए मुख्य सचिव को वीसी के माध्यम से सुनवाई में शामिल होने की अनुमति दी गई। उन्हें अदालत को बताना होगा कि छह जनवरी को दिए गए आदेशों के पालन में सरकार ने क्या कदम उठाए हैं।
याचिकाओं में वरिष्ठ अधिवक्ता अजय बागडिया, अभिनव धनोडकर, रितेश इनानी, मनीष यादव, मोहनसिंह चंदेल, गजेंद्रसिंह चौहान और विभोर खंडेलवाल पैरवी कर रहे हैं। याचिकाकर्ता चाहते हैं कि दोषियों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की जाए और मृतकों के स्वजनों को मुआवजा दिया जाए।
पिछली सुनवाई में कोर्ट ने कहा था कि यह घटना दुखद है और इस वजह से इंदौर की पूरी दुनिया में छवि खराब हुई है। न्यायालय ने मुख्य सचिव से यह भी पूछा था कि शासन ने आदेशों के पालन में अब तक क्या कदम उठाए हैं।
भागीरथपुरा कांड को लेकर दायर पांच याचिकाएं अलग-अलग नंबर पर लगाई गई हैं, लेकिन संभावना जताई जा रही है कि कोर्ट इन सभी याचिकाओं को एक साथ सुन सकती है।