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भोजशाला मामला: अब मुख्य न्यायाधीश तय करेंगे कहां होगी सुनवाई, 18 फरवरी को अगली सुनवाई, सभी याचिकाएं जबलपुर भेजी गईं

Bhojshala Case: मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित भोजशाला के धार्मिक स्वरूप को लेकर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ में सोमवार को प्रस्तावित सुन...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Dheeraj Belwal
Publish Date: Mon, 16 Feb 2026 09:33:25 PM (IST)Updated Date: Mon, 16 Feb 2026 09:33:25 PM (IST)
भोजशाला मामला: अब मुख्य न्यायाधीश तय करेंगे कहां होगी सुनवाई, 18 फरवरी को अगली सुनवाई, सभी याचिकाएं जबलपुर भेजी गईं
भोजशाला मामला: अब मुख्य न्यायाधीश तय करेंगे कहां होगी सुनवाई।

HighLights

  1. भोजशाला का भविष्य अब मुख्य न्यायाधीश के हाथों में
  2. सीलबंद सर्वे रिपोर्ट सार्वजनिक होने का बढ़ा इंतजार
  3. अब जबलपुर से तय होगी मामले की सुनवाई की दिशा

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित भोजशाला के धार्मिक स्वरूप को लेकर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ में सोमवार को प्रस्तावित सुनवाई टल गई। वकीलों के कार्य से विरत रहने के कारण भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा किए गए 98 दिन के सर्वे की रिपोर्ट भी प्रस्तुत नहीं हो सकी। दोपहर बाद न्यायमूर्ति विजय कुमार शुक्ला और न्यायमूर्ति आलोक अवस्थी की युगलपीठ ने मामले में आदेश जारी करते हुए भोजशाला से संबंधित सभी याचिकाओं को आगे की प्रक्रिया के लिए हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के पास जबलपुर भेज दिया।

अगली सुनवाई 18 फरवरी को निर्धारित

अब मुख्य न्यायाधीश तय करेंगे कि मामले की सुनवाई वह स्वयं करेंगे या किसी वरिष्ठतम न्यायमूर्ति को इसकी जिम्मेदारी दी जाएगी। अगली सुनवाई 18 फरवरी को निर्धारित की गई है। बता दें कि भोजशाला प्रकरण से संबंधित चार अलग-अलग याचिकाएं वर्तमान में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में विचाराधीन हैं। 11 मार्च 2024 को हाई कोर्ट ने एएसआई को निर्देश दिया था कि वह वैज्ञानिक विधि से भोजशाला परिसर का विस्तृत सर्वे कर रिपोर्ट प्रस्तुत करे।


एएसआई की सर्वे रिपोर्ट और अदालती आदेश

इसके बाद करीब 98 दिन तक चले सर्वे का काम पूरा करके एएसआई की ओर से उसकी रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में न्यायालय को सौंप दी गई थी। इसी बीच, मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, जहां से गत 22 जनवरी को निर्देश दिए गए कि हाई कोर्ट तीन सप्ताह के भीतर मामले की सुनवाई दोबारा शुरू करे। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि सुनवाई या तो मुख्य न्यायाधीश स्वयं करें या वे इसके लिए पीठ के वरिष्ठतम न्यायमूर्ति को नामित करें।

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दोनों पक्षों को सौंपी जाएगी गोपनीय रिपोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने यह भी आदेश दिया है कि एएसआई द्वारा किए गए भोजशाला परिसर की सर्वे की रिपोर्ट दोनों पक्षों को दी जाएगी। ऐसे में, सोमवार को पहली सुनवाई में यह सर्वे रिपोर्ट सार्वजनिक होने की संभावना जताई जा रही थी, लेकिन सुनवाई टलने से यह प्रक्रिया भी टल गई है। अब मुख्य न्यायाधीश तय करेंगे कि आगे की सुनवाई इंदौर खंडपीठ में जारी रहेगी या फिर इसे जबलपुर स्थानांतरित किया जाएगा।