• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • गणेशोत्‍सव 2026
  • हनुमान अंश
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • मानसून
  • वास्‍तु शास्‍त्र
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • जबलपुर

MP हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, पूरी ग्रेच्युटी और 7वें वेतनमान के अनुसार पेंशन का दिया जाए लाभ

High Court Order: हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति विशाल धगट की एकलपीठ ने अपने एक महत्वपूर्ण आदेश में कहा कि राज्य शासन द्वारा जारी परिपत्र के अनुसार नानाजी द...और पढ़ें

By Surendra DubeyEdited By: Dheeraj Belwal
Publish Date: Mon, 16 Feb 2026 08:53:39 PM (IST)Updated Date: Mon, 16 Feb 2026 08:53:39 PM (IST)
MP हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, पूरी ग्रेच्युटी और 7वें वेतनमान के अनुसार पेंशन का दिया जाए लाभ
MP हाई कोर्ट का बड़ा फैसला।

HighLights

  1. हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति विशाल धगट का आदेश
  2. राज्य शासन के नियम विश्वविद्यालयों पर भी लागू
  3. पेंशन और डीसीआरजी में न हो भेदभाव- कोर्ट

नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति विशाल धगट की एकलपीठ ने अपने एक महत्वपूर्ण आदेश में कहा कि राज्य शासन द्वारा जारी परिपत्र के अनुसार नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय जबलपुर से सेवानिवृत्त प्राध्यापकों को भी पूरी ग्रेच्युटी और सातवें वेतनमान के अनुसार पेंशन का लाभ दिया जाए।

ग्रेच्युटी और संशोधित पेंशन के निर्देश

इस मत के साथ विश्वविद्यालय को निर्देश दिए कि याचिकाकर्ता को डीसीआरजी (ग्रेच्युटी) की शेष 10 लाख रुपये की राशि का भुगतान करें। साथ ही सातवें वेतन आयोग की सिफारिश के अनुसार उनकी पेंशन पुन: निर्धारित कर भुगतान सुनिश्चित करें।


याचिकाकर्ता की दलील और कानूनी पक्ष

याचिकाकर्ता जबलपुर निवासी डॉ. एमएलवी राव की ओर से याचिकाकर्ता के अधिवक्ता अजय शंकर रायजादा व अमित रायजादा ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि राज्य शासन के परिपत्रों के अनुसार याचिकाकर्ता को अधिकतम 20 लाख रुपये की डीसीआरजी (ग्रेच्युटी) राशि का लाभ दिया जाना चाहिए था। उन्हें केवल ग्रेच्युटी के रूप में 10 लाख रुपये व छठे वेतन आयोग की सिफारिश के अनुसार पेंशन दी जा रही है।

यह भी पढ़ें- सतना में जंगली हाथियों का आतंक, रामनगर के गांवों में मचाया उत्पात, फसलें रौंदी और मकान की दीवार तोड़ी

सातवें वेतनमान की अनिवार्यता

राज्य शासन द्वारा जारी परिपत्रों के अनुसार सातवें वेतन आयोग की सिफारिश विश्वविद्यालयों पर लागू की जा चुकी है, इसलिए विश्वविद्यालय से सेवानिवृत्त कर्मचारियों को बढ़ी हुई ग्रेच्युटी व संशोधित पेंशन का लाभ दिया जाना अनिवार्य है।