
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। सिंहस्थ को ध्यान में रखते हुए इंदौर-उज्जैन के बीच कनेक्टिविटी को बेहतर करने के लिए ग्रीन फील्ड कॉरिडोर बनाया जा रहा है। इन दिनों सड़क निर्माण का काम शुरू हो चुका है, लेकिन शनिवार 20 जून को चंद्रावतीगंज स्थित सागर गार्डन में भूमिपूजन किया जाएगा। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर मौजूद रहेंगे। अधिकारियों के मुताबिक करीब 48.1 किलोमीटर लंबे इस फोरलेन ग्रीन फील्ड कॉरिडोर के बनने के बाद इंदौर से उज्जैन के बीच की दूरी और समय दोनों कम हो जाएंगे।
वर्तमान में लगने वाले अधिक समय की तुलना में इस नए मार्ग से दोनों शहरों के बीच सफर लगभग 30 से 35 मिनट में पूरा किया जा सकेगा। यह मार्ग पितृ पर्वत से शुरू होकर उज्जैन के चिंतामन गणेश क्षेत्र तक पहुंचेगा। एक हजार से अधिक करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट को दो साल में पूरा करना है, लेकिन अभी कुछ हिस्से में काम शुरू हो पाया है। एमपीआरडीसी के डिवीजन मैनेजर गगन भावर का कहना है कि कॉरिडोर का निर्माण शुरू कर लिया है। अभी कुछ किसानों की जमीन अधिग्रहण करना बाकी है।
ग्रीन फील्ड कारिडोर के निर्माण से इंदौर-उज्जैन के बीच मौजूदा हाईवे पर वाहनों का दबाव कम होगा। साथ ही इंदौर एयरपोर्ट से उज्जैन की कनेक्टिविटी भी पहले से बेहतर होगी। इससे व्यापार, उद्योग और पर्यटन गतिविधियों को भी बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है।
इस परियोजना को लेकर स्थानीय किसानों की मांगों को भी ध्यान में रखा गया है। किसानों ने सड़क को पूरी तरह एक्सेस-कंट्रोल्ड बनाने और दोनों ओर प्रस्तावित 7-7 मीटर की सर्विस रोड हटाने की मांग की थी। वहीं स्थानीय लोगों की सुविधा को देखते हुए सड़क व्यवस्था में बदलाव को लेकर सैद्धांतिक सहमति बनी है। ताकि आसपास के गांवों और निवासियों को आने-जाने में परेशानी न हो।
प्रोजेक्ट के लिए 662 किसानों की जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है, जिसके लिए 626 करोड़ रुपये से अधिक का मुआवजा स्वीकृत किया गया है। कुछ किसानों ने अभी तक मुआवजा नहीं लिया गया है। ऐसे मामलों में हाई कोर्ट ने निर्देश दिया है कि जब तक संबंधित प्रक्रिया पूरी नहीं होती। तब तक उनकी जमीनों पर कब्जा नहीं लिया जाए।