
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। मध्य प्रदेश के सोयाबीन उत्पादक किसानों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने सोयाबीन भावांतर योजना के तहत पंजीयन कराने की अंतिम तिथि को आगे बढ़ा दिया है। जिन किसानों ने अब तक किसी कारणवश अपना आवेदन नहीं किया था, वे अब 24 अक्टूबर 2026 तक ई-उपार्जन पोर्टल पर अपना रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे। पूर्व में आवेदन की अंतिम तारीख 17 अक्टूबर तय की गई थी।
खरीफ विपणन सीजन 2026 के लिए सोयाबीन भावांतर योजना के अंतर्गत रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया 3 अक्टूबर से प्रारंभ की गई थी। पूर्व निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार इसे 17 अक्टूबर को समाप्त होना था, परंतु किसानों की सुविधा और छूटे हुए पात्र कृषकों को अवसर देने के उद्देश्य से शासन ने पोर्टल पर आवेदन की अवधि एक सप्ताह के लिए बढ़ा दी है।
प्रशासनिक स्तर पर योजना को पारदर्शी बनाने के लिए राज्य सरकार ने सभी जिलों के कलेक्टरों को निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत पंजीकृत किसानों के भू-अभिलेखों और अन्य आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन समय सीमा के भीतर पूरा करने को कहा गया है, ताकि बाद में भुगतान में कोई तकनीकी बाधा न आए।
इसके साथ ही कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि आवेदन करते समय अपना नाम, बैंक खाता क्रमांक, आधार तथा भूमि से संबंधित विवरण बेहद सावधानीपूर्वक भरें। यदि दस्तावेजों में कोई त्रुटि हो, तो उसे तत्काल सुधरवा लें।
मंडियों में कृषि उपजों के दाम कम होने पर किसानों को होने वाले नुकसान से बचाने के लिए भावांतर भुगतान योजना लागू की जाती है। जब बाजार में सोयाबीन का भाव सरकार द्वारा निर्धारित समर्थन मूल्य से नीचे चला जाता है, तब न्यूनतम समर्थन मूल्य और विक्रय मूल्य के अंतर की राशि (भावांतर) का भुगतान सीधे पात्र किसानों के बैंक खातों में किया जाता है।
अलग-अलग फसलों के लिए इस योजना के नियम व पात्रता शर्तें भिन्न हो सकती हैं। फिलहाल सोयाबीन किसानों को सलाह दी गई है कि वे 24 अक्टूबर की नई समय-सीमा समाप्त होने से पहले आधिकारिक ई-उपार्जन पोर्टल पर अपना पंजीयन अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करें।