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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 05, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Bijli Upbhokta Ke Adhikar: 4 घंटे में बहाल नहीं हुई बिजली, तो मिलेगा 100 रुपए प्रति दिन मुआवजा

इंदौर में पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने विभिन्न प्रकरणों में हर्जाना राशि 100 रुपये प्रति दिन से लेकर 100 रुपये प्रति सप्ताह तय की गई है। केंद...और पढ़ें

By Arvind DubeyEdited By: Arvind Dubey
Publish Date: Thu, 05 Sep 2024 07:44:12 AM (IST)Updated Date: Thu, 05 Sep 2024 10:08:43 AM (IST)
Bijli Upbhokta Ke Adhikar: 4 घंटे में बहाल नहीं हुई बिजली, तो मिलेगा 100 रुपए प्रति दिन मुआवजा
ग्राहक ऑनलाइन आवेदन कर क्षतिपूर्ति का दावा कर सकते हैं।

HighLights

  1. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने क्षतिपूर्ति मानदंड लागू किए
  2. बिजली बिलों के साथ उपभोक्ताओं को मानदंड सूची भेजी जाएगी
  3. शहरी व ग्रामीण इलाकों के लिए अलग-अलग मानदंड बनाए गए

लोकेश सोलंकी, नईदुनिया इंदौर। मध्य प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी खबर है। शिकायत करने के बाद तय समय सीमा में बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हुई, तो अब उपभोक्ताओं को हर्जाना मिलेगा। शहरी क्षेत्र में चार घंटे और ग्रामीण क्षेत्र में 24 घंटे में सुधार करना ही होगा।

इसी तरह बिल बांटने में देरी, मीटर, ट्रांसफार्मर खराबी की शिकायत का निराकरण समय पर नहीं होने पर भी उपभोक्ता हर्जाना मांग सकेंगे। पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने क्षतिपूर्ति मानदंड लागू कर दिए हैं। इस माह के बिजली बिलों के साथ उपभोक्ताओं को लागू मानदंड की सूची भी भेजी जा रही है।


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इंदौर में तत्काल प्रभाव से लागू हुए नियम

  • केंद्र सरकार के निर्देश के बाद इंदौर की बिजली कंपनी ने सबसे पहले मानदंड तैयार किए हैं। साथ ही तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
  • बिल में सुधार की शिकायत का निराकरण उसी दिन हो जाएगा। अतिरिक्त जानकारी चाहिए, तो पांच दिन के भीतर बिल सुधार करना होगा।
  • इसी तरह नए कनेक्शन देना, फेज परिवर्तन करने से लेकर तमाम कार्यों में समय सीमा का बंधन और क्षतिपूर्ति का नियम लागू कर दिया है।
  • उपभोक्ता को अंतिम तिथि के कम से कम 10 दिन पूर्व तक बिल नहीं मिला है, तो भी हर्जाने की मांग की जा सकेगी।
  • सेवा में देरी पर उपभोक्ता क्षतिपूर्ति राशि पाने के लिए दावा कर सकेंगे। शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के लिए अलग-अलग समय सीमा लागू की गई है।
  • कर्मचारियों और इंजीनियर की कमी से जूझ रही कंपनी के लिए इसका पालन चुनौती से कम नहीं। वर्षों से लाइन स्टाफ की भर्ती नहीं हुई है।

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वेबसाइट पर कर सकेंगे क्षतिपूर्ति का दावा

सेवा में देरी होने पर उपभोक्ता क्षतिपूर्ति का दावा आवेदन वेबसाइट पर कर सकेंगे। आंधी तूफान जैसी प्राकृतिक स्थितियां सुधार में देरी के लिए तो जिम्मेदार नहीं है यह देखा जाएगा। साथ ही वे ही उपभोक्ता दावे के लिए पात्र होंगे जो लगातार छह महीनों से बिना देरी किए बिजली बिल चुका रहे हैं। कर्मचारियों की कमी के बीच इसका पालन चुनौती है। कंपनी ने नई भर्तियों के लिए सरकार को प्रस्ताव भी भेजा है। - अमित तोमर, एमडी पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी