
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा को प्रदेशभर में लागू करने के लिए सरकार ने रूट प्लान से लेकर तकनीकी निगरानी और बस अधोसंरचना तक की विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है। यात्री परिवहन विजन समिट-2026 में बताया गया कि प्रदेश के 55 जिलों का रूट सर्वे पूरा हो चुका है।
डेटा आधारित योजना के तहत करीब 150 सिटी, 450 इंटरसिटी और 436 इंटरस्टेट मार्ग विकसित किए जाएंगे। बसों में सीसीटीवी, जीपीएस, पैनिक बटन और रियल टाइम मानिटरिंग की सुविधा होगी तथा ईवी और सीएनजी बसों को प्राथमिकता दी जाएगी।
मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के लिए मध्य प्रदेश यात्री परिवहन एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (एमपीवायपीआइएल) बनाई गई है। परिवहन सचिव मनीष सिंह ने बताया कि बस संचालन, आईटीएमएस और परिवहन अधोसंरचना को पीपीपी मॉडल पर एकीकृत किया जाएगा। इसका उद्देश्य सही बस सही मार्ग और सही समय के आधार पर यात्रियों को भरोसेमंद सेवा देना है।
फर्स्ट और लास्ट-माइल कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए एपपीवायपीआइएल और रैपिडो के बीच एमओयू हुआ। इसके तहत बस स्टैंड, बस स्टाप और मेट्रो स्टेशनों की जानकारी रैपिडो के तकनीकी प्लेटफार्म से जोड़ी जाएगी। महिलाओं द्वारा संचालित रैपिडो पिंक बाइक-टैक्सी को भी बढ़ावा दिया जाएगा। इसकी शुरुआत पायलट प्रोजेक्ट के रूप में भोपाल और इंदौर में होगी।
सरकार ने एमपी मोबिलिटी इनोवेशन चैलेंज-2026 भी शुरू किया है। इसमें एआई और डेटा आधारित मोबिलिटी, वित्तीय व परिचालन स्थिरता, समावेशी परिवहन, अधोसंरचना व लास्ट-माइल कनेक्टिविटी तथा ग्रीन मोबिलिटी जैसे पांच क्षेत्रों में नए समाधान तलाशे जाएंगे। स्टार्टअप, एमएसएमई, शोधकर्ता, शिक्षण संस्थान और नवप्रवर्तक इसमें भाग ले सकेंगे।
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समिट में उद्योग प्रतिनिधियों ने भी निवेश और तकनीक की जानकारी दी। एका मोबिलिटी पीथमपुर में ई-बस निर्माण संयंत्र स्थापित कर रही है। इसकी वार्षिक उत्पादन क्षमता पांच हजार ई-बस बताई गई। वहीं, समिट में बस आपरेशन, आधुनिक टर्मिनल, डिपो, स्टाप, डिजिटल टिकटिंग, रियल टाइम यात्री सूचना प्रणाली और ग्रीन मोबिलिटी को लेकर पीपीपी आधारित माडल पर मंथन हुआ।