
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर : साइबर ठगी में इस्तेमाल होने वाले बैंक खातों की खरीद-फरोख्त में बीएससी का एक छात्र शामिल मिला है। तुकोगंज पुलिस ने ऐसे ही नेटवर्क से जुड़े दो युवकों को पकड़ा है।
पुलिस के मुताबिक, छात्र आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को रुपये का लालच देकर उनके बैंक खाते खरीदता और आगे साइबर अपराधियों तक पहुंचाता था। एक खाते पर दो हजार रुपये का मुनाफा कमाने वाले दोनों के बीच कमीशन को लेकर विवाद हो गया। इसी झगड़े ने पुलिस को म्यूल अकाउंट के कारोबार तक पहुंचा दिया।
तुकोगंज पुलिस के अनुसार, बुधवार को एमजी रोड स्थित ट्रेजर आइलैंड मॉल के सामने दो युवकों के बीच विवाद की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंचे प्रधान आरक्षक भागचंद्र और मनीष राजावत ने हिमांशु शर्मा निवासी खनियाधाना, शिवपुरी और आर्यन साहू निवासी कमला नेहरू कॉलोनी, खड़े गणपति को पकड़ा।
पूछताछ में बैंक खातों की खरीद-फरोख्त का मामला सामने आया। हिमांशु बीएससी का छात्र है और साइबर अपराध में इस्तेमाल होने वाले म्यूल अकाउंट उपलब्ध कराता था। बुधवार को वह आर्यन के कहने पर तीन खातों से संबंधित दस्तावेज लेकर आया था। इसी दौरान कमीशन को लेकर दोनों में विवाद हो गया।
पूछताछ में हिमांशु ने बताया कि वह अब तक 20 से अधिक बैंक खाते सप्लाई कर चुका है। वह लोगों से एक खाता 14 हजार रुपये में खरीदता और आर्यन को 16 हजार रुपये में देता था। इस तरह हर खाते पर दो हजार रुपये का अंतर रहता था। पुलिस अब इन खातों का इस्तेमाल किन साइबर अपराधों में हुआ, इसकी जांच कर रही है।
पुलिस के अनुसार, आर्यन ने पूछताछ में स्कीम नंबर 51 में रहने वाले आदर्श रघुवंशी से संपर्क होने की जानकारी दी है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, गिरोह टेलीग्राम के माध्यम से संपर्क और लेन-देन का नेटवर्क चला रहा था।
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