
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जिले में संपत्तियों की गाइडलाइन दरों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। शासन से मिले ऑनलाइन डाटा और स्थानीय स्तर पर किए गए आकलन के आधार पर गाइडलाइन दर बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। जिले में तीन हजार से अधिक लोकेशन पर बढ़ोतरी हो सकती है। इस माह उप पंजीयन कार्यालय में प्रस्ताव तैयार कर जिला मूल्यांकन समिति में पहुंचेगा। यहाँ से स्वीकृति के बाद मार्च के मध्य में प्रस्ताव केंद्रीय मूल्यांकन समिति को भेजना होगा।
दरअसल, उप पंजीयन कार्यालयों में वर्तमान वित्तीय वर्ष के दौरान हुए संपत्ति सौदों का विश्लेषण किया गया है। जहां जमीन या संपत्ति की खरीद-फरोख्त तय गाइडलाइन दर से अधिक कीमत पर हुई है, उन स्थानों पर दर बढ़ाने की सिफारिश की जा रही है। इसमें 10 प्रतिशत से ज्यादा दस्तावेज पंजीकृत होने वाली लोकेशन को ही बढ़ोतरी में शामिल किया गया है। एआई और संपदा-2 के आधार पर बढ़ोतरी का प्रस्ताव तैयार किया जाएगा।
शासन ने बीते माह करीब 3200 लोकेशन पर संभावित बढ़ोतरी की जानकारी भेजी थी। विस्तृत जांच के बाद 2400 स्थानों पर 10 प्रतिशत से अधिक बढ़ोतरी सामने आई है, जबकि करीब 600 स्थानों पर स्थानीय स्तर पर अतिरिक्त वृद्धि दर्ज की गई। वर्तमान वित्तीय वर्ष के बीच में विभाग ने सौ से अधिक नई कालोनियों को गाइडलाइन में जोड़ने का प्रस्ताव भेजा था, जिनमें से 91 को मंजूरी मिल चुकी है। इनकी जानकारी पोर्टल पर अपलोड कर रजिस्ट्रियां भी शुरू कर दी गई।
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आने वाले वित्तीय वर्ष में करीब 200 नई लोकेशन और शामिल होने की संभावना है। इसके लिए विभाग ने आवेदन मांगे हैं, जिनमें स्वीकृत नक्शा, रेरा पंजीयन और अन्य वैध अनुमतियां जरूरी होंगी। मौजूदा वित्त वर्ष में भी कई क्षेत्रों में गाइडलाइन दरों में 20 से लेकर 270 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की गई थी। सबसे ज्यादा वृद्धि ग्रामीण क्षेत्रों की कृषि भूमि में देखी गई थी। अधिक कीमत पर रजिस्ट्रियां होने और भूमि अधिग्रहण से जुड़े विरोध को ध्यान में रखते हुए यह बदलाव किए गए थे।