
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। बंगाली से रीगल तक प्रस्तावित भूमिगत मेट्रो के विरोध में रविवार रात बंगाली चौराहे पर महावीर नगर, गोयल नगर, साईनाथ कॉलोनी और तिलक नगर के रहवासियों ने कैंडल मार्च निकालकर शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन किया। रहवासी अंकित दुबे ने बताया कि आंदोलन के माध्यम से प्रमुख मांग स्पष्ट है कि अंडरग्राउंड मेट्रो को रिहायशी क्षेत्रों से नहीं निकाला जाए।
उन्होंने कहा कि स्थानीय रहवासियों की चिंताओं को ध्यान में रखते हुए मेट्रो के मार्ग को लेकर सरकार और संबंधित अधिकारियों को रहवासियों से संवाद करना चाहिए। लोगों की चिंताओं का समाधान संवाद और उचित विकल्पों पर विचार करके किया जाना चाहिए।
आंदोलन के दौरान रहवासियों ने मेट्रो कार्यालय के बाहर दीप जलाए और कैंडल मार्च निकाला। इसके साथ ही सांकेतिक रूप से टेंडर की प्रति फाड़कर विरोध दर्ज कराया।
इधर बिचौली हप्सी लाइट हाउस प्रोजेक्ट में एसआईटी जांच की मांग
बिचौली हप्सी स्थित लाइट हाउस प्रोजेक्ट की बदहाली की एसआईटी जांच की मांग उठी है। मामले में एक जनहित याचिका पहले से चल रही है। याचिकाकर्ता नरेंद्र गोस्वामी ने इस जनहित याचिका में अंतरिम आवेदन प्रस्तुत कर दो मांगें उठाई हैं। मांग की गई है कि लाइट हाउस प्रोजेक्ट में किए गए घटिया निर्माण की जांच विशेष जांच दल (एसआईटी) से कराई जाए।
इसके साथ ही एसआइटी की जांच पूरी होने तक इस पूरे प्रोजेक्ट को रहवासी संघ को हैंडओवर करने पर रोक लगाने की मांग की गई है। कोर्ट में दिए आवेदन में गोस्वामी ने कहा है कि प्रोजेक्ट में लीकेज, सीपेज, प्लंबिंग सहित कई तकनीकी खामियां हैं।
इन समस्याओं का अब तक स्थायी हल नहीं निकला है। ऐसी स्थिति में रखरखाव की जिम्मेदारी रहवासी संघ को सौंपना सही नहीं होगा। जब तक प्रोजेक्ट की खामियां स्थायी रूप से दूर नहीं हो जातीं, तब तक नगर निगम ही इस प्रोजेक्ट का रखरखाव करे।
गोस्वामी ने रहवासी संघ के गठन पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने बताया कि आवंटियों की सहमति के बगैर और विधिवत चुनाव कराए बगैर रहवासी संघ का गठन किया गया है। नगर निगम ने इस संघ को प्रोजेक्ट हैंडओवर करने की तैयारी कर ली है।