
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। नशा मुक्ति केंद्र में एक युवक की फांसी लगाने से मौत के बाद मरीजों में अफरा-तफरी मच गई। कुछ ही देर में केंद्र से 70 से ज्यादा मरीज बाहर निकल आए। मुख्य दरवाजा पर ताला मिला तो दीवार फांदकर भाग गए। दो मंजिला केंद्र की तार फेंसिंग तक तोड़ दी गई। कोई दीवार से कूदा तो कोई अपना सामान लेकर सड़क की तरफ दौड़ पड़ा।
अचानक बड़ी संख्या में लोगों को केंद्र से भागते देख आसपास के लोग भी घबरा गए और पुलिस को सूचना दी। घटना का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रहा है। रावजी बाजार टीआइ मनीष मिश्रा के अनुसार घटना शनिवार सुबह अग्रसेन चौराहा स्थित पहचान नशा मुक्ति केंद्र की है। यहां करीब एक महीने पहले भर्ती हुए सचिंद्र लोधी ने बाथरूम में फांसी लगा ली। घटना की जानकारी मिलते ही केंद्र में हड़कंप मच गया।
नशे की लत छुड़ाने के लिए भर्ती मरीजों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। देखते ही देखते 70 से अधिक मरीज केंद्र से बाहर निकल गए। मुख्य दरवाजे पर ताला लगा होने के कारण मरीजों ने पहले उसे तोड़ने का प्रयास किया। इसके बाद कई लोग दीवार पर चढ़कर बाहर कूद गए। कुछ ने तार फेंसिंग भी तोड़ दी। मरीजों के अचानक सड़क पर पहुंचने से आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई।
पुलिस अब केंद्र से भागे मरीजों के स्वजन से संपर्क कर रही है। केंद्र प्रबंधन से सीसीटीवी फुटेज भी मांगे गए हैं, ताकि घटना के पूरे घटनाक्रम और मरीजों के बाहर निकलने की परिस्थितियों का पता लगाया जा सके। पुलिस नशा मुक्ति केंद्र के प्रबंधन से भी पूछताछ कर रही है।
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सचिंद्र के जीजा केशव लोधी (अशोक नगर) ने प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। केशव के अनुसार एक महीने पूर्व ही सचिंद्र को भर्ती करवाया था। सुबह ही छह हजार रुपये आनलाइन ट्रांसफर किए थे। 11 बजे केंद्र से काल आया कि सचिंद्र की मौत हो गई है। केंद्र वालों का व्यवहार ठीक नहीं था। उनको मिलने नहीं दिया गया था। एक बार वीडियो पर ही दिखाया था। सुबह वीडियो मांगा तो कहा उसकी मौत हो गई है। टीआइ के अनुसार सचिंद्र नहाने का बोलकर बाथरुम में गया था। शव का पोस्ट मार्टम करवाया गया है। लापरवाही की भी जांच की जा रही है ।