
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। रियल एस्टेट कारोबारी संदीप उर्फ बंटी नागर आत्महत्या केस में मंगलवार को भी बयान दर्ज किए गए। पलासिया पुलिस ने ड्राइवर और कर्मचारी को थाने बुलाया। घर से मिले सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल और चैटिंग सामने रखकर उनसे पूछताछ की गई। इस दौरान भी ब्रोकर, कॉलोनाइजर और फायनेंसर के नाम सामने आए।
56 वर्षीय बंटी के कार्यालय में स्तुति, भवानी सहित बालकिशन, मनीष, उमेश, नितेश और गोपाल काम करते थे। पलासिया पुलिस ने मंगलवार को कर्मचारियों के पुन: बयान लिए। कर्मचारियों ने नियमित रूप से कार्यालय आने-जाने वालों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने यह भी बताया कि बंटी दबाव के कारण कार्यालय कम आने लगे थे।
वसूली के लिए कुछ लोग घर तक जाने लगे थे। उनकी अनुपस्थिति में ये लोग घर में ही बैठे रहते थे। इसकी पुष्टि सीसीटीवी फुटेज से भी हुई है। पुलिस के अनुसार एक पटवारी भी बंटी के संपर्क में था। उसकी चैटिंग और कॉल डिटेल मिली है।
कई भूमाफिया से जुड़े पटवारी की भूमिका की जांच चल रही है। बाल्याखेड़ी (बायपास) के प्रोजेक्ट में भी उसकी भूमिका जांची जा रही है। इसके अलावा भानगढ़ और प्लेटनिम (बायपास) के लेनदेन भी जांच में शामिल किए गए हैं।
सूत्रों के अनुसार बंटी पुलिस अफसरों का रुपया भी चलाता था। एक डीएसपी के 60 लाख से ज्यादा रुपये डूबे हैं। इसकी पुष्टि बंटी की कॉल डिटेल और चैटिंग से हुई है। अफसर ने बंटी से मुरादपुरा में डायरी पर खरीदी की थी। फायनेंसर बबलू उर्फ अशोक भाटिया लगातार दबाव भी बना रहा था।
सन्नी, श्याम खत्री, विक्की रघुवंशी, अजय, संजय, गोपाल, पंकज, भटेजा, रितेश लुंकड़, राजेश उर्फ राजू सहित कुछ प्रशासनिक अफसरों से भी लेनदेन की जानकारी मिली है। मंगलवार को स्वजन ने लेनदेन से संबंधित दस्तावेज पेश करने के लिए समय मांगा है।
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