
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। मेरे पापा ने पहले मम्मी की गला घोंटकर हत्या कर दी। मुझे उनके रोने की आवाज सुनाई दे रही थी। इसके बाद पापा घर आए और कहा कि मम्मी के पास चलना है। दीदी माही और मुझे बाइक से तालाब के पास ले गया। दीदी को गोद में बैठाकर गहरे पानी में ले गया और छोड़कर बाहर आ गया।
दीदी की डूबने से मौत हो गई। मुझे भी मरने के लिए तालाब में फेंक दिया था। पाल के पास पानी गहरा नहीं था।मैंने झाड़ियां पकड़ लीं और डूबने की एक्टिंग की। बाद में पेड़ की आड़ में जाकर छुप गया। आठ वर्षीय अजय ने पुलिस को यह बताते हुए पूरी घटना की जानकारी दी।
उसने बताया कि पिता के जाने के बाद वह बाहर आया तो गांव में रहने वाले अंकल मिले। उसने उन्हें पूरी बात बताई। इसके बाद पुलिस को बुलाया गया। एक आंटी ने उसके गीले कपड़े बदले और वह पुलिसवालों के साथ दीदी को ढूंढने गया। अजय के अनुसार उसकी दीदी माही की तालाब में डूबने से मौत हो गई।
पुलिस के अनुसार आरोपी सुनील किसी भी कीमत पर परिवार को खत्म करना चाहता था। उसने थाने में अजय को देखा तो चौंक गया। उसने पुलिसवालों से पूछा कि यह कैसे बच गया। इसे तो मैंने डुबोकर मार दिया था। पुलिसकर्मियों ने उसे बताया कि अजय किस तरह अपनी जान बचाकर बाहर निकला।
इस पर अजय ने कहा कि इसकी भगवान ने मदद की है। इसकी मौत मेरे हाथ से नहीं लिखी होगी। आरोपित ने पुलिस को बताया कि घटना के बाद वह खुद भी आत्महत्या करना चाहता था। हालांकि पुलिस को उसकी इस बात पर विश्वास नहीं है। टीआई सहर्ष यादव के अनुसार सुनील को घर से करीब दो किलोमीटर दूर से पकड़ा गया है।
घटना सोमवार रात करीब 9:30 बजे की है। आरोपित सुनील रामअवतार चौहान निवासी झलारिया है। आरोप है कि रात करीब 9:30 बजे वह अनिता को जन्मदिन की पार्टी के बहाने खेत की ओर ले गया। वहां उसने पहले अनिता को मारा, इसके बाद दोनों बच्चों को हिंगोरिया में फेंक दिया।
पुलिस के अनुसार घटना के बाद सुनील घर से फरार हो गया था। पुलिस ने उसे घर से करीब दो किलोमीटर दूर से गिरफ्तार किया। घटनास्थल से धारदार कटर बरामद किया गया है। मंगलवार को उसे कोर्ट में पेश कर पांच दिन का रिमांड लिया गया है।
टाइम लाइन
यह भी पढ़ें- चाकू घोंपा, फिर तालाब में फेंकी लाश; भोपाल में 7 दिन बाद टैटू से हुई पहचान, अंग निकालने वाले गिरोह पर भी गहराया शक