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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 25, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

प्रिंसिपल के खिलाफ बच्चों का मोर्चा, 15 किमी पैदल चलकर कलेक्ट्रेट पहुंचे 70 स्टूडेंट्स, छात्रों ने लगाए कई आरोप

Indore News: छात्रावास एवं स्कूल की अव्यवस्थाओं को लेकर भूख प्यासे, हाथों में विरोध की तख्तियां थामे 70 छात्र पैदल मार्च करते हुए कलेक्टर कार्यालय पहु...और पढ़ें

By Dheeraj BelwalEdited By: Dheeraj Belwal
Publish Date: Fri, 25 Jul 2025 09:26:54 PM (IST)Updated Date: Fri, 25 Jul 2025 09:26:54 PM (IST)
प्रिंसिपल के खिलाफ बच्चों का मोर्चा, 15 किमी पैदल चलकर कलेक्ट्रेट पहुंचे 70 स्टूडेंट्स, छात्रों ने लगाए कई आरोप
प्राचार्या निकिता मेहरा के खिलाफ कलेक्टर में लगाए नारे।

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। शहर से 15 किमी दूर मोरेद गांव से शुक्रवार को छात्रावास एवं स्कूल की अव्यवस्थाओं को लेकर भूख प्यासे, हाथों में विरोध की तख्तियां थामे 70 छात्र पैदल मार्च करते हुए सुबह 11.30 बजे कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। परिसर में प्राचार्य के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इन छात्रों का आरोप है कि प्राचार्या द्वारा जातिगत भेदभाव किया जाता है। शिक्षा के अलावा दूसरे कामों के लिए दबाव डाला जाता है। छात्र कलेक्टर आशीष सिंह से मिलकर शिकायत करने की बात करते हुए परिसर में बैठकर नारे लगाने लगे।

शौचालय साफ करने और अंग्रेजी में बात करने का बनाती है दबाव

11वीं के छात्र जयदीप डावर, प्रिंस मौर्य, आयुष खरते, नितेंद्र सोलंकी सहित अन्य छात्रों ने बताया कि प्राचार्या पिछले एक साल से मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रही है। छात्रों से शौचालय साफ कराने और अंग्रेजी में ही बात करने का दबाव बनाती है। जाति सूचक शब्दों का इस्तेमाल करती है। एक छात्रा को पिछले दिनों पैनिक अटैक आया था और उस दौरान उसे स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने में बहुत देर की और छात्रा आधे घंटे तक तड़पती रही। छात्रावास से बच्चों को अस्पताल ले जाने के लिए वाहन उपलब्ध कराया गया है, लेकिन उसका उपयोग प्रचार्या द्वारा निजी कामों में किया जा रहा है। स्वजनों को शिकायत करने पर भविष्य खराब करने की धमकी दी जाती है।


छोटी सी बात पर टीसी देने की धमकी दी जाती

छात्रों ने कहा कि पैदल मार्च के पहले हमें कहा गया कि तुम लोग बाहर तो जा रहे है मैं तुम्हें वापस नहीं आने दूंगी। एक ही बिल्डिंग में दो स्कूल संचालित हो रहे हैं। एक छात्र को दोस्तों से अलग कर इतना मानसिक प्रताड़ित किया कि वो आत्महत्या कर लेता। भोजन भी खराब गुणवत्ता खिलाया जाता है। छात्रों को छोटी सी बात पर टीसी देने की धमकी दी जाती है। स्कूल ड्रेस तक भी नहीं मिली। पवन अहिरवाल ने बताया कि जय शाह संगठन इंदौर संगठन ने भी छात्रों का समर्थन किया।

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अपर कलेक्टर के सामने हाजिर हुई प्राचार्या

अपर कलेक्टर बैनल ने प्राचार्या मेहरा को बुलाया। छात्रों का दल पहले से कक्ष में मौजूद था। छात्रों के सामने ही प्राचार्या ने सवालों का स्पष्टीकरण दिया। उसके बाद अपर कलेक्टर बैनल ने बताया कि सीईओ जिला पंचायत को इस मामले की जानकारी दी है। छात्रों द्वारा शिकायत के जितने की बिंदु हैं उनकी चार सदस्यीय दल जांच करेगी। इसमें दो जिला पंचायत और दो आदिवासी कल्याण विभाग के सदस्य होंगे। उसके द्वारा जांच कराई जाएगी। रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी। इसमें कुछ गंभीर बिंदु निकलकर आता है तो कार्रवाई की जाएगी।

इंग्लिश बोलने व शौचालय साफ करने की बात भी सामने आई

कैमरे में आकर देख सकते हैं प्राचार्या मेहरा ने बताया कि हमारे स्कूल में कैमरे लगे हैं आप आकर देख सकते है। हमारे स्कूल में इंग्लिश की टीचर है। 70 स्कूल कलेक्टोरेट आए हैं, बाकी 165 छात्र स्कूल में हैं। स्कूल में कुल 237 बच्चे हैं। आप लोग आकर बात कर सकते हैं। मुझ पर लगाए गए सारे आरोप निराधार है। अपर कलेक्टर बैनल को मैंने अपनी पूरी बात बता दी है। जांच कमेटी स्कूल एवं छात्रावास आकर जांच करेगी तो पूरी स्पष्टता सामने आ जाएगी।