• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • Mutual Funds मास्टरी
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • इंदौर

इंदौर में सुविधाघरों का स्वच्छता सर्वे : जहां है हजारों की आवाजाही, वहीं नहीं हो रही सफाई

सुविधाघर के नाम पर नगर निगम ने ढांचे तो खड़े कर दिए, रखरखाव के नाम पर लाखों रुपये भी खर्च भी हो रहे हैं, लेकिन वास्तविकता यह है कि इन सुविधाघरों की सा...और पढ़ें

By Kuldeep BhawsarEdited By: Ramnath Mutkule
Publish Date: Fri, 09 Oct 2026 12:00:02 PM (IST)Updated Date: Fri, 09 Oct 2026 12:00:02 PM (IST)
इंदौर में सुविधाघरों का स्वच्छता सर्वे : जहां है हजारों की आवाजाही, वहीं नहीं हो रही सफाई
सियागंज - सुविधाघर गंदगी से अटा पड़ा है। मजबूरी में लोग खुले में निवृत हो रहे हैं। पानी का इंतजाम नहीं है। गंदगी सड़क पर बह रही है। -नईदुनिया

HighLights

  1. सुविधाघरों की साफ-सफाई पर निगम का ध्यान ही नहीं है
  2. बाजारों में बने 90 प्रतिशत से ज्यादा सुविधाघर बदहाल हैं
  3. छत पर टंकियां रखी भी हैं तो सिर्फ दिखाने के लिए

कुलदीप भावसार, नईदुनिया, इंदौर : जिन बाजारों में रोजाना हजारों की संख्या में लोगों की आवाजाही बनी रहती है, उन्हीं के सुविधाघर असुविधा से भरे पड़े हैं। सुविधाघरों के स्वच्छता सर्वे के अंतर्गत हमने शहर के व्यस्त बाजारों का निरीक्षण किया।

पाया कि सुविधाघर के नाम पर नगर निगम ने ढांचे तो खड़े कर दिए, रखरखाव के नाम पर लाखों रुपये भी खर्च भी हो रहे हैं, लेकिन वास्तविकता यह है कि इन सुविधाघरों की साफ-सफाई पर निगम का ध्यान ही नहीं है। हालत यह है कि बाजारों में बने 90 प्रतिशत से ज्यादा सुविधाघर बदहाल हैं।


छत पर टंकियां रखी भी हैं तो सिर्फ दिखाने के लिए

इन सुविधाघरों में पानी तो है ही नहीं। छत पर टंकियां रखी भी हैं तो सिर्फ दिखाने के लिए। इंदौर प्रदेश की व्यवसायिक राजधानी है। प्रदेश के अलग-अलग शहर से रोजाना हजारों लोग इन बाजारों में पहुंचते हैं। दुकानदारों के साथ-साथ बड़ी संख्या में पहुंचने वाले ग्राहकों को भी इन सुविधाघरों का उपयोग करना पड़ता है।

ऐसे में सवाल उठता है कि जब अन्य शहरों से आए व्यापारी और आमजन हमारे शहर के बदबूदार और गंदगी से अटे पड़े सुविधाघरों का इस्तेमाल करते होंगे तो वे क्या छवि लेकर अपने शहर को जाते होंगे। सिर्फ स्वच्छ सर्वे से पहले सुविधाघरों के हालात सुधारने से कुछ नहीं होगा।

जरूरत है इन सुविधाघरों को सालभर स्वच्छ बनाए रखने की। निगम के कर्ताधर्ताओं ने अब भी ध्यान नहीं दिया तो देश के सबसे स्वच्छ शहर के ये बदबूदार और गंदगी से अटे पड़े सुविधाघर पूरे देश में शहर की छवि को धूमिल कर देंगे।

कहां क्या स्थिति है

  • उदापुरा - हालत अत्यंत खराब है। पानी की व्यवस्था नहीं है। गंदगी सड़क तक बहती रहती है। बदबू की वजह से पास खड़े रहना तक मुश्किल है।
  • सराफा बाजार - वाश बेसिन तो लगा है लेकिन पानी नहीं है। नल टूटा हुआ है। लोगों का कहना है कि अत्याधिक दबाव रहता है, बावजूद इसके व्यवस्था पर ध्यान नहीं है।
  • प्लेटफार्म चार के बाहर - गंदगी अटी पड़ी है। टंकी रखी है, लेकिन पानी नहीं है। स्थिति यह है कि बदबू की वजह से खड़े रहना मुश्किल है। गंदगी सड़क पर बह रही है।
  • सियागंज - सुविधाघर गंदगी से अटा पड़ा है। मजबूरी में लोग खुले में निवृत हो रहे हैं। पानी का इंतजाम नहीं है। गंदगी सड़क पर बह रही है।

सुविधाघरों की साफ-सफाई नियमित होना चाहिए

सुविधाघरों की साफ-सफाई नियमित होना चाहिए। शहर में बड़ी संख्या में अन्य शहरों से व्यापारी आते हैं। वे क्या सोचते होंगे। - सलमान हुसैन

पूरे शहर की छवि खराब कर रहे हैं

नगर निगम को चाहिए कि कम से कम इस तरफ तो ध्यान दे। बदबूदार और गंदे सुविधाघर पूरे शहर की छवि खराब कर रहे हैं। - अमानत अली

बदहाली की जिम्मेदारी तय की जाए

जरूरी है कि सुविधाघरों की बदहाली की जिम्मेदारी तय की जाए। सिर्फ स्लोगन लिखने और वाहवाही लूटने से कुछ नहीं होगा। - अंकित सोनी

यह भी पढ़ें- इंदौर की सफाई परखने पहुंची 6 सदस्यीय टीम, रेलवे ट्रैक पर डिब्बा लेकर शौच जाने वालों की होगी निगरानी