
CM Rise School : इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। मैं भी दो कमरों के सरकारी स्कूल में पढ़ा, उस समय स्कूल में दरी नहीं होती थी। घर से बोरे की फट्टी ले जाते थे। उस समय मैंने सोचा था कि सरकारी स्कूल बेहतर होना चाहिए। यही वजह है कि निजी स्कूलों की तरह सरकारी स्कूलों की इमारत को भी हम बेहतर बनाएंगे। सरकारी स्कूल ऐसे होंगे जहां पर लाइब्रेरी, प्रयोगशाला, स्मार्ट क्लास जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं मिलें।

ये बातें शनिवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इंदौर के शासकीय अहिल्याश्रम क्र. 1 में सीएम राइज स्कूलों के भूमिपूजन कार्यक्रम में कही। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सीएम राइज स्कूलों में मातृभाषा हिंदी के अलावा अंग्रेजी व अन्य क्षेत्रीय भाषाएं भी पढ़ाई जाएंगी। ये स्कूल किसी भी शैक्षणिक व्यवस्था व सुविधा में निजी स्कूल से कम नहीं होंगे। यहां पर खेल मैदान व अन्य सुविधाएं भी छात्रों को मिलेंगी। सीएम राइज स्कूल इतिहास रचेंगे। सीएम ने प्रदेश में 2519 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले 69 सीएम राइज स्कूलों के नवीन भवनों का भूमिपूजन इंदौर में हुए समारोह में किया। इनमें इंदौर के पांच सीएम राइज स्कूल शामिल हैं।
बच्चों पर बरसाई फूलों की पंखुड़ियां - भूमिपूजन कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट तथा पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री उषा ठाकुर भी थीं। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम शुरू होने से पहले परिसर में बैठे बच्चों पर फूलों की पंखुड़ियां बरसाकर उनका उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम में इंदौर के सरकारी स्कूलों के चार हजार छात्र व करीब डेढ़ हजार स्वजन शामिल हुए। इन्हें कार्यक्रम स्थल तक बसों के माध्यम से लाया गया था।
सरकारी स्कूलों के शिक्षकों का वेतन भी हुआ बेहतर - मुख्यमंत्री चौहान ने एक पुराना किस्सा विद्यार्थियों को सुनाया। वे बोले मैं एक बार सरकारी स्कूल में छात्रों के बीच पहुुंचा और उनसे पूछा कि गंगा कहां से निकलती है। विद्यार्थियों ने जवाब दिया विध्यांचल से। मैंने वहां के शिक्षक से कहा कि ऐसा क्यों पढ़ा रहे हो। शिक्षक बोले जो 500 रुपये वेतन मिल रहा है उसमें तो गंगा विध्यांचल से ही निकलेगी, हिमालय से नहीं। सीएम ने कहा पहले के मुकाबले हमारे शिक्षकों को अब 40 से 60 हजार रुपये वेतन मिल रहा है।
खूब पढ़ना और खेलना - कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बच्चों से कहा स्कूल तो बन जाएंगे, आप खूब पढ़ना और खेलना। बच्चों के स्वजन को संबोधित करते हुए कहा कि मेरा निवेदन है कि भांजे-भांजियों को पढ़ने के बाद खेलने, पेंटिंग करने दो। बच्चे खेलेंगे कूदेंगे और आसमान को छू लेंगे।
मोटिवेशनल स्पीकर बने सीएम - कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोटिवेशनल स्पीकर के रूप में भी नजर आए। विद्यार्थियों को स्वामी विवेकानंद के कहे ध्येय वाक्य 'उठो जागो व लक्ष्य प्राप्ति तक न रुको" के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि विवेकानंद ने कहा था मनुष्य जो ठान ले वह करके दिखा सकता है। बच्चों तुम भी कुछ बनकर दिखा सकते हो। सीएम ने पूछा डाक्टर, इंजीनियर, मुख्यमंत्री कौन बनेगा तो बच्चों ने हाथ उठाए। सीएम बोले जब मामा मुख्यमंत्री बन सकता है तो भांजे-भांजी भी बन सकते हैं। गरीब परिवार में जन्म लिया तो कोई पाप नहीं किया। यदि ढंग से पढ़ाई करोगे तो मामा फीस भरेगा। उन्होंने बच्चों के माता-पिता को कहा वे उनके दोस्त बनें। सीएम बोले प्रदेश में मेडिकल व इंजीनियरिंग कालेजों में हिंदी भाषा में पढ़ाई होगी। हमें अंग्रेजी की नकल करने की जरूरत नहीं।
नशे के कारोबारियों पर दिखाए सख्त तेवर - सीएम बच्चों से बोले आप कभी नशे का सेवन मत करना। हम मप्र में नशामुक्ति अभियान चला रहे हैं। जो लोग गड़बड़ करेंगे, उनके घर पर बुलडोजर चलवाएंगे।
हरित पर्यावरण का ध्यान रख तैयार होगी स्कूल की इमारत - स्कूल शिक्षा विभाग की प्रमुख सचिव रश्मि अरुण शमी ने बताया कि 43 करोड़ रुपये में सीएम राइज योजना के तहत इंदौर के अहिल्याश्रम में स्कूल की इमारत बनेगी। यहां की पुरानी हेरिटेज इमारत को संरक्षित किया जाएगा। नई इमारत हरित पर्यावरण वाली होगी। परिसर में लगे बरगद और अन्य पेड़ न काटे जाएं। इसे ध्यान में रख इमारत का निर्माण करेंगे।
ये जनप्रतिनिधि भी हुए शामिल - कार्यक्रम में सांसद शंकर लालवानी, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, अनुसूचित जाति वित्त विकास निगम के अध्यक्ष सावन सोनकर, जिला पंचायत अध्यक्ष रीना मालवीय, इंदौर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष जयपाल सिंह चावड़ा, विधायक रमेश मेंदोला आदि भी मौजूद थे।
प्रदेश में दो चरणों खुलेंगे स्कूल -
सीएम राइज स्कूल में होंगी ये सुविधाएं
स्कूलों में विश्वस्तरीय अधोसंरचना, परिवहन सुविधा, नर्सरी एवं पूर्व प्राथमिक कक्षाएं, स्मार्ट क्लास एवं डिजिटल लर्निंग, शत-प्रतिशत स्टाफ एवं सहायक स्टाफ, स्टाफ की क्षमता वृद्धि, सुसज्जित प्रयोगशालाएं, वाचनालय, आवश्यकता के अनुरूप कौशल कार्यक्रम, व्यावसायिक शिक्षा और पालकों की सहभागिता होगी।