नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर : इंदौर के ब्रिलियंट कंवेशन सेंटर में आयोजित होने वाली मप्र सेमीकंडक्ट समिट में आज निवेश, तकनीकी सहयोग और सेमीकंडक्टर उद्योग के विकास की संभावनाओं पर चर्चा होगी। दो दिवसीय समिट में देश-विदेश की सेमीकंडक्टर कंपनियों के प्रतिनिधि, निवेशक, उद्योग विशेषज्ञ, शिक्षाविद और स्टार्टअप प्रतिनिधि शामिल होंगे।
इस समिट में मप्र को 33 हजार करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिलने की संभावना है। समिट में जापान, दक्षिण कोरिया, ताइवान एवं स्वीडन के प्रतिनिधिमंडल शामिल होंगे। दो दिवसीय समिट में आठ पैनल चर्चाएं, चार राउंडटेबल, चार कीनोट उद्बोधन होंगे। इसके मध्यप्रदेश सेमीकंडक्टर नीति-2026 पर हितधारकों से चर्चा की जाएगी ।
विश्व में यूएस, चीन, ताइवान, कोरिया, यूरोप व जापान में सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में पैठ बना चुका आईएसआईजी (इंटरनेशनल सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री ग्रुप) पहली बार मप्र के रास्ते भारत में निवेश करेगा। इंदौर में होने वाली सेमिकंडक्टर समिट में यह ग्रुप पहली बार शामिल होगा। यह समूह विदेश के सेमिकंडक्टर क्षेत्र में काम करने वाली कंपनियों को भारतीय कंपनियों व यहां के बाजार से जोड़ेगा।
एमपीएसईडीसी की भूमि आवंटन समिति द्वारा चार कंपनियों को भोपाल, इंदौर एवं ग्वालियर में लगभग 50 एकड़ भूमि हेतु आशय-पत्र (एलओआई) प्रदान किए जाएंगे। इनसे 9 हजार करोड़ के निवेश तथा चार हजार से अधिक को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा।
केंस इलेक्ट्रानिक्स मैन्युफैक्चरिंग कंपनी लगभग 10 एकड़ भूमि पर इलेक्ट्रानिक्स विनिर्माण (ईएमएस) इकाई लगाएगी। इससे करीब 950 लोगों को रोजगार मिलेगा।
औरिगा आईटी साल्यूशंस कंपनी लगभग 5 एकड़ भूमि पर ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर तैयार करेगी। इससे 3,500 लोगों के प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा।