
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। कांग्रेस ने घोषणा की थी दस सदस्यीय जांच कमेटी भागीरथपुरा कांड की विस्तृत जांच रिपोर्ट तैयार करेगी। भाजपा को चिंता थी कि कांग्रेस इस मुद्दे पर राजनीतिक लाभ ना हासिल कर सके। तीन सदस्यीय कमेटी में शामिल सज्जनसिंह वर्मा, विधायक प्रताप ग्रेवाल, महेश परमार शनिवार दोपहर करीब दो बजे भागीरथपुरा पहुंचे। पहले से युवा कांग्रेस, महिला कांग्रेस और शहर कांग्रेस के कार्यकर्ता अपने नेताओं के लिए भागीरथपुरा चौकी पर खड़े थे। भाजपा ने भी महिलाओं के साथ अपने कार्यकर्ता मौके पर तैनात कर दिए। बाद में दोनों दलों के कार्यकर्ता नारेबाजी, धक्कामुक्की करते दिखे। भागीरथपुरा की जो जनता बीते दिनों से मौतें और एंबुलेंसों के सायरन सुन रही थी वह गैलरी-छतों पर खड़ी होकर नारेबाजी करते कार्यकर्ताओं और राजनीतिक तमाशे को देखती रही।
भागीरथपुरा में दाखिल हुए कांग्रेस नेताओं को रोकने के लिए पहले भाजपा कार्यकर्ताओं ने काले झंडे दिखाए फिर उन पर चूडि़या फेंकी।भाजपाई कहने लगे कि वे बाहरी व्यक्तियों को भागीरथपुरा में नहीं आने देंगे। चंदनसिंह बैस और टीनू कश्यप भाजपा कार्यकर्ताओं की अगुवाई कर रहे थे। सज्जनसिंह वर्मा के खिलाफ जब भाजपाइयों ने नारे लगाए तो कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद दोनों ओर से चप्पल-जूतें फेंके गए। काला झंडा लिए कार्यकर्ताओं ने झंडे से डंडे निकालकर उसे भी दूसरे पक्ष पर फेंकना शुरू कर दिया। इस बीच कांग्रेस नेता कोशिश करते रहे कि वे पानी पीने से मृतक क्षेत्र के किसी रहवासी के घर में दाखिल हो पाए।
आधे घंटे तक कांग्रेसी नेता कोशिश करते रहे। दोनों और से कार्यकर्ताओं की भीड़ में धक्कामुक्की भी शुरू हो गई। पुलिस ने पहले दोनों पक्षों को धकेल कर अलग करने की कोशिश की हालांकि कोशिश विफल रही। कांग्रेस के पार्षद, वरिष्ठ नेता, महिला कांग्रेसी और तमाम कार्यकर्ता भी वहां पहुंच गए। भीड़ बढ़ती देख बाद में और भी पुलिस बल मौके पर बुलाना गया। पुलिस ने पहले कांग्रेसियों को खदेड़ा और भागीरथपुरा पुलिस चौकी की ओर ले गए।
इस बीच भाजपा के कार्यकर्ता भी उनके पीछे नारेबाजी करते जाने लगे। दोनों पक्षों का संघर्ष टालने के लिए पुलिस ने भाजपा के कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए बल प्रयोग किया। इस पर कुछ कार्यकर्ता पुलिस से भी उलझ गए। कुछ जवानों की वर्दी पकड़कर कार्यकर्ताओं ने धमकाया कि हमारा सरकारी में हमें कैसे रोक सकते हो। सामने से कांग्रेसियों ने कैलाश विजयवर्गीय के विरोध में नारे लगाए तो भाजपा वालों ने विजयवर्गीय के समर्थन में भी नारे लगा दिए।
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इस बीच पुलिस ने कांग्रेस नेताओं को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद भी भाजपा कार्यकर्ता नहीं माने। आधे घंटे बाद भी पुलिस और भाजपा कार्यकर्ताओं की झूमाझटकी जारी रही। प्रदेश अध्यक्ष के बिना एक दिखी कांग्रेसकांग्रेसी प्रतिनिधि मंडल के साथ प्रदेश कांग्रेस जीतू पटवारी नहीं थे। हालांकि इसके बाद भी कांग्रेस के नेता अरसे बाद एक जगह जुटे नजर आए। इसमें शहर के पार्षदों को के साथ युवा कांग्रेस, महिला कांग्रेस, सेवादल और मोर्चा प्रकोष्ठ के पदाधिकारी शामिल रहे। पूर्व अध्यक्ष और पदाधिकारी भी भागीरथपुरा पहुंचे थे।