
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर: भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी के कारण स्वास्थ्य संकट बढ़ता जा रहा है। हालात इतने गंभीर हैं कि लोग बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए रिश्तेदारों के घर भेज रहे हैं और कई परिवार क्षेत्र छोड़ने की तैयारी कर रहे हैं। लोग प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पर भरोसा खो चुके हैं और क्षेत्र को छोड़ने की धमकी दे रहे हैं।
स्थानीय निवासी रूकमणि चौधरी ने बताया कि नर्मदा का पानी खराब आ रहा था, जिससे बच्चे बीमार पड़ रहे थे। उन्होंने अपने बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए मामा के घर मंदसौर भेज दिया है। रूकमणि ने कहा, “हम परेशान हो सकते हैं, लेकिन बच्चों को परेशान नहीं देख सकते। जब पानी शुद्ध आएगा, तब बच्चों को वापस बुला लेंगे।”
भागीरथपुरा में कई घरों में ताले लगे हुए हैं। पड़ोसियों ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से कई लोग रिश्तेदारों के घर चले गए हैं और घरों को बंद कर दिया है। कई लोग सावधानी बरतते हुए पानी उबालकर पी रहे हैं।
स्थानीय लोग प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि जल संकट और स्वास्थ्य जोखिम के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। वर्तमान में नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग दोनों पर भरोसा नहीं है।
रहवासियों का कहना है कि यदि हालात में सुधार नहीं हुआ तो वे भी पलायन कर लेंगे। उन्हें डर है कि दूषित पानी से बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ रहा है और वर्तमान में यह क्षेत्र रहवासियों के लिए सुरक्षित नहीं है।