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इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित जल से हुई कई मौतों के जिम्मेदार अधिकारी को बनाया कलेक्टर, कांग्रेस ने किया विरोध

नगर निगम इंदौर में अपर आयुक्त रहे और भागीरथपुरा दूषित जल कांड के घेरे में आए आइएएस अधिकारी रोहित सिसोनिया को कलेक्टर बनाए जाने पर कांग्रेस ने विरोध शु...और पढ़ें

By Lokesh SolankiEdited By: Ramnath Mutkule
Publish Date: Thu, 15 Oct 2026 08:21:23 AM (IST)Updated Date: Thu, 15 Oct 2026 08:29:14 AM (IST)
इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित जल से हुई कई मौतों के जिम्मेदार अधिकारी को बनाया कलेक्टर, कांग्रेस ने किया विरोध
भागीरथपुरा में दूषित जल से हुई थी कई मौतें। -फाइल फोटो

HighLights

  1. आईएएस अधिकारी रोहित सिसोनिया को रायसेन का कलेक्टर बनाया
  2. कलेक्टर बनाए जाने पर कांग्रेस ने विरोध शुरू कर दिया है
  3. बोले- कलेक्टर बनाकर राज्य सरकार दूषित मानसिकता का परिचय दे रही है

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर : नगर निगम इंदौर में अपर आयुक्त रहे और भागीरथपुरा दूषित जल कांड के घेरे में आए आईएएस अधिकारी रोहित सिसोनिया को कलेक्टर बनाए जाने पर कांग्रेस ने विरोध शुरू कर दिया है। शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने कहा कि इंदौर और भागीरथपुरा के नागरिकों के जीवन की प्रदेश सरकार कोई कीमत नहीं समझ रही। लोगों की जान चली गई लेकिन प्रदेश सरकार ने कार्रवाई को मजाक बना दिया।

रायसेन का कलेक्टर बनाकर राज्य सरकार दूषित मानसिकता का परिचय दे रही है

दूषित जल हादसे में 36 लोगों की मौत के लिए जिस अधिकारी रोहित सिसोनिया को हटाया गया था उन्हें रायसेन का कलेक्टर बनाकर राज्य सरकार दूषित मानसिकता का परिचय दे रही है।

पहले तो सरकार दूषित जल से मौतों को छुपाती रही

चौकसे ने बुधवार को बयान जारी करते हुए कहा कि पहले तो सरकार दूषित जल से मौतों को छुपाती रही। फिर मौतों का आंकड़ा कम बताया गया। जनप्रतिनिधियों, महापौर और निगमायुक्त को भी जिम्मेदारी से बचाया गया। जांच आयोजन की रिपोर्ट रिपोर्ट में जिन अधिकारियों को दोषी माना गया है उन्हें अब ईनाम में जिले की कमान दी जा रही है।

अपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाना चाहिए था

अधिकारी को घटना के बाद केवल इंदौर से स्थानांतरित किया गया था। इस अधिकारी के निलंबन की घोषणा जरूर की गई थी लेकिन निलंबन का आदेश जारी नहीं हुआ था। रिपोर्ट को ध्यान में रखते हुए सिसोनिया के खिलाफ अपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाना चाहिए था।

प्रहरियों को चकमा देकर खुली जेल से फरार कैदी

इंदौर। सेंट्रल जेल की खुली जेल से कैदी फरार हो गया। जेल प्रबंधन ने पुलिस को शिकायत की है। एमजी रोड़ थाना में केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस के अनुसार रेलवे कालोनी घासपुरा खंडवा निवासी किशोर पुत्र विलासराव गायकवाड़ खुली जेल में रहता था। दैनिक कार्यों के बाद वह जेल के अंदर आता था। मंगलवार को वह काम के बहाने जेल से फरार हो गया। यह भी पढ़ें- 'इंदौर नगर निगम का सालाना बजट 8,500 करोड़, इसके बावजूद शहर में पीने के पानी की स्थिति अफ़्रीका के छोटे गांवों जैसी'