
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। शहर में दूसरे दिन भी 12 थानों में लाखों रुपये की ठगी की एफआइआर दर्ज हुई। सिर्फ एक फोन कॉल रिसीव करने पर भी साइबर अपराधी बैंक खाता खाली कर सकते हैं। एक युवक के साथ कुछ ऐसा ही वाकया हुआ है। साइबर अपराधियों ने मिनटों में उसके खातों से लाखों रुपये साफ कर दिए। रुपये म्यूल खातों में ट्रांसफर किए गए हैं।
पुलिस और साइबर एक्सपर्ट तहकीकात में जुट गए हैं। उनका दावा है कि लिंक और ओटीपी साझा किए बगैर ऐसा करना संभव नहीं है। साइबर अपराधियों ने आम नागरिकों को परेशान कर दिया है। अपराधी रोज हाईटेक तरीकों से लाखों रुपयों की ठगी कर रहे हैं। बीते दो दिनों में ही 30 मामले सामने आ चुके हैं। पहला मौका है जब साइबर अपराध के इतनी बड़ी संख्या में एफआईआर दर्ज करना पड़ी है।
बाणगंगा थाना क्षेत्र स्थित करोल बाग (सी-ब्लॉक) में रहने वाले 35 वर्षीय अभिषेक करकरे के साथ हैरान करने वाली वारदात हुई है। निजी कंपनी में नौकरी करने वाले अभिषेक के मोबाइल पर 10 दिसंबर को दोपहर 2 बजे अनजान नंबर से कॉल आया था। अभिषेक ने सामान्य कॉल की तरह फोन रिसीव किया और कट हो गया। थोड़ी देर बाद उसके एक खाते से रुपये निकलने लगे। चार दिनों तक ट्रांजेक्शन होता रहा। आइसीआइसीआइ बैंक के खाते से 5 लाख 17 हजार और बैंक ऑफ इंडिया से 58 हजार 600 और एसबीएम वर्चुअल बैंक से 31 हजार 100 रुपये निकल गए।
पुलिस के अनुसार कुल 9 बार ट्रांजेक्शन हुआ है। बैंक अफसरों ने बताया रुपये यूपीआइ आइडी और खातों में ट्रांसफर हुए हैं। खाते म्यूल बताए जा रहे हैं। अभिषेक ने साइबर हेल्पलाइन-1930 पर इसकी शिकायत कर बाणगंगा थाना में एफआइआर दर्ज करवाई है।
एक मैसेज से उड़ी नींद, क्रेडिट कार्ड से एक लाख रुपये निकाले, धोखाधड़ी की तेजाजी थाने में भी इसी तरह की एफआइआर दर्ज की गई है। असरावद खुर्द निवासी प्रमोद मिथोरिया ने कहा उसके पास रात साढ़े आठ बजे चार बार मैसेज आए थे। साइबर अपराधियों ने क्रेडिट कार्ड से 1 लाख 800 रुपये निकाल लिए थे।
इसी तरह से सिलिकान सिटी (राऊ) निवासी पूजा योगेंद्र पंवार के साथ आनलाइन धोखाधड़ी हुई है। पूजा का दावा है कि 4 अगस्त को बगैर ओटीपी साझा किए खाते से रुपये ट्रांसफर हुए है। उसके साथ 1 लाख 53 हजार की धोखाधड़ी की गई है। पूजा ने किसी अनजान लिंक पर भी क्लिक नहीं किया था।
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कृष्णबाग कालोनी निवासी अनिल चौहान को अनजान लिंक को खोलना भारी पड़ा है। अपराधी ने एसबीआइ बैंक का कस्टमर केयर अधिकारी बनकर काल लगाया था। उसने क्रेडिट कार्ड के संबंध में चर्चा की थी। केवायसी अपडेट करने के लिए एक लिंक भेज दी। जैसे ही लिंक खोली खाते से 1 लाख 14 हजार रुपये निकल गए। इसी तरह स्कीम-78 निवासी दिनेश कुमार पटेल के खाते से 1 लाख 48 हजार रुपये निकाले गए है। दिनेश को एपीके फाइल भेजी गई थी।