• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • Mutual Funds मास्टरी
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • इंदौर

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 29, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

DAVV Indore MBA Paper Leak: दस हजार रुपये में बिकता है पेपर, विद्यार्थी वाट्सएप से भेजते हैं एक-दूसरे को

इंदौर में एमबीए का पेपर लीक : दो निजी कालेजों की भूमिका पर सवाल, सात दिन में जांच करना होगी खत्म।

By Prashant PandeyEdited By: Prashant Pandey
Publish Date: Wed, 29 May 2024 10:26:29 AM (IST)Updated Date: Wed, 29 May 2024 10:40:05 AM (IST)
DAVV Indore MBA Paper Leak: दस हजार रुपये में बिकता है पेपर, विद्यार्थी वाट्सएप से भेजते हैं एक-दूसरे को
एमबीए फर्स्ट सेमेस्टर के पेपर लीक केस।

HighLights

  1. निजी कालेजों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को पास करवाने के लिए यह करनामा किया गया है।
  2. पेपर के बदले 10-10 हजार रुपये भी वसूले जा रहे हैं।
  3. पेपर शुरू होने से दस घंटे पहले ही प्रश्न पत्र की कापियां वायरल हो जाती है।

DAVV Indore MBA Paper Leak: नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। एमबीए फर्स्ट सेमेस्टर के पेपर लीक मामले में कई चौकाने वाले तथ्य सामने आए हैं, जिसमें पेपर आउट करने के पीछे कालेजों की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं। दोनों निजी कालेजों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को पास करवाने के लिए यह करनामा किया गया है।

प्रबंधन की डिग्री हासिल करने वाले ये कालेज छात्र-छात्राएं पहले ही मोटी फीस जमा करवाई जा रही है। बल्कि पेपर के बदले 10-10 हजार रुपये भी वसूले जा रहे हैं। ये सभी बातें कुछ विद्यार्थियों ने गोपनीय रूप से देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के अधिकारियों को बता रखी है।


यहीं नहीं पेपर शुरू होने से दस घंटे पहले ही प्रश्न पत्र की कापियां इंटरनेट मीडिया पर रात में वायरल हो जाती है। एक शिक्षक ने नईदुनिया में भी अकाउंट का प्रश्न पत्र शेयर किया था। वह भी पेपर लीक करने वालों पर कार्रवाई की मंशा रखता था।

naidunia_image

DAVV Paper Leak: हल करने भेजा पेपर

अकाउंट का पेपर लीक होने के बाद प्राध्यापक ने नईदुनिया में संपर्क किया। उन्होंने कहा कि पहले की तरह 28 मई के अकाउंट का पेपर भी आउट हो चुका है। पेपर को वाट्सएप पर भेजा गया। पूछने पर उन्होंने बताया कि एक विद्यार्थी ने भेजा है। उसने कहा कि प्रश्न पत्र के कुछ सवालों को हल कर दो। चर्चा के दौरान उन्होंने बताया कि छात्र को भी रुपये देने के बाद पेपर मिला है। राशि के बारे में छात्र ने नहीं बताया।

DAVV Indore: लाखों रुपये ले रहे फीस

दोनों कालेजों में पढ़ने वाले विद्यार्थी लाखों रुपये फीस जमा करते हैं। करीब प्रत्येक सेमेस्टर की एक लाख रुपये फीस है। प्लेसमेंट अच्छा नहीं होने के बावजूद विद्यार्थी प्रवेश लेते हैं। कारण यह है कि अधिकांश धनाड्य परिवारों बच्चे रहते हैं। छात्र नेताओं ने बताया कि पेपर लीक में एक प्राध्यापक सिर्फ एक ही विद्यार्थी से संपर्क करता है।

वहां बाकी छात्रों से रुपये लेकर प्राध्यापक को देता है। खासबात यह है कि इसमें कालेज की कर्ताधर्ता भी पीछे नहीं है। प्राध्यापक की शर्त रहती है कि यह पेपर सिर्फ अपने कालेजों के विद्यार्थियों को भेजें। मगर विद्यार्थी भी रुपये के लालच में बाकी मित्रों को भी वाट्सएप पर भेज देते हैं।

MBA Paper Leak: विश्वविद्यालय की गोपनीयता पर सवाल

एमबीए फर्स्ट सेमेस्टर के दो पेपर लीक होने के बाद विश्वविद्यालय ने इन्हें निरस्त कर दिया है। 25 मई क्वांटेटिव टेक्नीक और 28 मई को अकाउंट का पेपर आउट हो चुका था। पेपर रात दस बजे वाट्सएप पर विद्यार्थियों को मिल रहा है। राऊ और कनाडिया स्थित कालेजों की तरफ से पेपर आउट होना सामने आया है। सूत्रों के मुताबिक सील बंद लिफाफे में दो दिन पहले ही पेपर कालेज पहुंच जाते हैं। यहां तक कि संबंधित थाने में इन्हें रखा जाता है।

नियमानुसार सीसीटीवी के सामने केंद्राध्यक्ष और दो प्राध्यापक की मौजूदगी में लिफाफे से पेपर बाहर निकाले जाते हैं। जब थाने में पेपर रखे जाते हैं तो इन्हें परीक्षा शुरू होने से पहले आउट कैसे किया जा रहा है। पूरी गड़बड़ी में थाने और कालेज की सांठगांठ नजर आ रही है। हालांकि इन घटनाओं के चलते अब विश्वविद्यालय ने अपनी प्रक्रिया बदल दी है। उसने अब आनलाइन पेपर भेजने का विचार किया है।