
Indore News नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। दिव्यांग और दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को परीक्षा के लिए अतिरिक्त समय देने का नियम है। मगर परीक्षा केंद्र इसका पालन नहीं करते है। मंगलवार को ऐसा ही ताजा मामला सामने आया है।
दरअसल, एमबीए फर्स्ट सेमेस्टर की दृष्टिबाधित छात्रा परीक्षा देने पहुंची थी, जहां प्रश्न पत्र हल करने के लिए छात्रा ने अतिरिक्त समय मांगा तो परीक्षा कक्ष में मौजूद शिक्षिका ने छात्रा के राइटर से कॉपी छीन ली। मामले में छात्रा ने परीक्षा विभाग के अधिकारियों से शिकायत की है। उधर कालेज को नोटिस देने की तैयारी चल रही है।
मामला अटल बिहारी वाजपेयी आर्ट्स एंड कॉमर्स कॉलेज (जीएसीसी) से जुड़ा है। मंगलवार से एमबीए पहले सेमेस्टर की परीक्षा शुरू हुई है। दृष्टिबाधित छात्रा परीधि महाजन देवास से पेपर देने केंद्र पहुंची थी। उस दौरान वह अपना राइटर भी साथ लेकर आई थी। छात्रा परीधि ने कहा कि 75 फीसदी दृष्टिबाधित हूं। चार दिन पहले केंद्र में प्रमाण पत्र भी देकर राइटर की मांग की। मगर कालेजों ने राइटर नहीं होना बताया मगंलवार को फिर केंद्र पर राइटर के साथ पहुंची। सुबह 11 से 2 बजे तक पेपर था। अतिरिक्त समय मांगा तो शिक्षिका ने साफ मना कर दिया।
मामले में सहायक कुलसचिव डा. विष्णु मिश्रा से शिकायत की है। डा. मिश्रा का कहना है कि दिव्यांग व दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को 30 मिनट का अतिरिक्त समय देने का प्रावधान है। वे कहते हैं कि छात्रा की शिकायत पर कॉलेज से मौखिक चर्चा की गई। कॉलेज ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि छात्रा कोई राइटर नहीं लगाई थी। बल्कि वह पेपर खुद लिख रही थी। इसके चलते अतिरिक्त समय नहीं दिया। उन्होंने बताया कि इस संबंध में कालेज को नोटिस देकर जवाब मांगा जाएगा।