
नीरज व्यास, नईदुनिया, इंदौर। पश्चिम क्षेत्र का सबसे बड़ा सरकारी जिला अस्पताल धीरे-धीरे सुविधाओं के मामले में गति पकड़ता नजर आ रहा है। इसकी 83 करोड़ की लागत से नई बिल्डिंग तैयार हुई है और गायनिक वार्ड शुरू हो गया है। अस्पताल के निर्माण में काफी वक्त लगा और अब इसे अंतिम रूप देने के लिए भी कई कार्य बाकी हैं।
फिलहाल अस्पताल में रोजाना 700 के करीब ओपीडी होने लगी हैं। 300 बेड का यह सुपर स्पेशलिटी अस्पताल अगर पूरी क्षमता से संचालित होने लगा तो आम लोगों के लिए एक बहुत बड़ी राहत की बात होगी। फिलहाल यहां लगभग सवा सौ बेड के हिसाब से स्टाफ नियुक्त किया गया है जो कि लगभग 160 के करीब है। 300 बेड के अस्पताल के हिसाब से कुल 270 लोगों के स्टाफ की जरूरत होगी।
अस्पताल में गायनिक वार्ड पूरी तरह से शुरू कर दिया गया है। इसके साथ डिलीवरी और सीजर भी होने लगे हैं। लेकिन अस्पताल को अभी आईसीयू हैंडओवर नहीं हुआ है, ऐसे में क्रिटिकल केस होने पर इसे अन्य अस्पताल में रेफर करना मजबूरी है। इसके साथ ही आर्थोपेडिक ओटी और सर्जिकल ओटी भी नहीं मिली है। बायो मेडिकल वेस्ट के निस्तारण की व्यवस्था और पार्किंग से संबंधित कार्य भी अभी अधूरा है।
जिला अस्पताल की ओपीडी में आने वाले मरीजों की पर्ची बनने से लेकर दवा वितरण तक का सारा काम एचआईएमएस पोर्टल से किया जाने लगा है। इससे पर्ची बनने के साथ ही रियल टाइम में डॉक्टर उस पर दवा लिख सकेंगे और उसी के साथ दवा वितरण केंद्र से दवा भी मिल जाएगी। इसे आभा आईडी से जोड़ा गया है, जिससे मरीज अगली बार आएगा तो उसे दोबारा पर्ची बनाने की जरूरत नहीं होगी। आभा आईडी की मदद से पूरी हिस्ट्री मिल जाएगी।
अस्पताल में ऑपरेशन तो शुरू हो गए हैं, लेकिन ब्लड बैंक नई बिल्डिंग में बनेगा, ऐसे में मरीजों के लिए दूसरी जगह से ब्लड की व्यवस्था की जाती है। हालांकि अधिकारी अगले कुछ दिनों में एक ब्लड स्टोरेज यूनिट की शुरुआत होने का दावा भी कर रहे हैं। भविष्य की जरूरत को देखते हुए प्रबंधन ने एक अतिरिक्त सीआर और एक डीआर सोनोग्राफी मशीन की मांग की है।
अस्पताल में कीमोथेरेपी, एक्स-रे, एमआरआई, सोनोग्राफी, एमएलसी की सुविधा शुरू हो चुकी है। पूर्व में हुकुमचंद अस्पताल में संचालित होने वाला एसएनसीयू जिला अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया है, जिसके जल्द शुरू होने की संभावना है।
बीते साल अस्पताल पानी की समस्या से काफी दो-चार हुआ था। यहां तीन बोरिंग हैं, लेकिन गर्मी में पानी की समस्या न आए इसके लिए नर्मदा कनेक्शन की मांग की गई थी, जिसे नगर निगम से मंजूरी मिल गई है। अब हाउसिंग बोर्ड द्वारा लाइन डालने के लिए टेंडर होगा, जिसके बाद पाइप लाइन डल सकेगी। कुल मिलाकर अस्पताल में कुछ सुविधाएं शुरू हो चुकी हैं, वहीं कई सुविधाओं का मरीजों को इंतजार भी है।