
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। गैस की किल्लत की अफवाह के बाद इंदौर में घरेलू गैस सिलिंडरों की बुकिंग में आम दिनों की अपेक्षा 10 प्रतिशत से अधिक बढ़ोतरी हुई थी। लोग घरेलू गैस सिलिंडर की बुकिंग करवाने से लेकर सप्लाई तक के लिए परेशान होने लगे थे। गैस वितरकों पर सप्लाई का दबाव भी बन रहा था और सिलिंडर चार से पांच दिन बाद ही डिलीवर हो पा रहे थे। ऐसे में प्रशासन ने रविवार को भी गैस एजेंसी कार्यालय खुले रखवाए और प्रत्येक एजेंसी को डिलीवरी की संख्या बढ़ाकर 500 से अधिक करने के निर्देश दिए। इससे अब शहर में गैस की डिलीवरी दो से तीन दिन में उपभोक्ताओं के घर पर होने लगी है।
वहीं व्यावसायिक गैस सिलिंडर को लेकर परेशानी कायम है। लोगों को अन्य वैकल्पिक माध्यम का उपयोग करना पड़ रहा है। व्यावसायिक गैस सिलिंडर की आपूर्ति बंद होने से बाजार में परेशानी कम नहीं हो रही है। सबसे अधिक परेशानी निजी हॉस्टल संचालकों को थी, क्योंकि परीक्षा नहीं होने से बच्चे हॉस्टल में ही रह रहे थे और उनको खाना देना चुनौती था। हालांकि प्रशासन ने निजी और शासकीय हॉस्टल में व्यावसायिक गैस की आपूर्ति जारी रखी। खाद्य आपूर्ति विभाग ने हॉस्टलों की सूची बनाकर संबंधित गैस एजेंसियों को सौंपी, ताकि विद्यार्थियों को किसी तरह की परेशानी नहीं हो।
वहीं व्यावसायिक गैस सिलिंडर की सप्लाई को लेकर सोमवार को भोपाल में बैठक हुई। आने वाले दिनों में व्यावसायिक सिलिंडर को लेकर कोई निर्णय हो सकता है। व्यावसायिक सिलिंडरों की आपूर्ति पर रोक का असर सराफा चौपाटी, छप्पन दुकान जैसे प्रमुख फूड हब्स पर भी दिखाई देने लगा है। कैटरर्स और रेस्तरां में परेशानी व्यावसायिक गैस सिलेंडर की आपूर्ति प्रभावित होने से बाजारों में असर दिखाई देने लगा है। शहर में 400 कैटरर्स, 100 होटल, 250 से अधिक बड़े रेस्तरां और 12 हजार से अधिक छोटे-बड़े खान-पान कारोबारी इससे प्रभावित हैं। सरवटे बस स्टैंड पर 10 संचालकों ने अपनी होटलें बंद कर ली हैं। वहीं अन्य वैकल्पिक साधन का उपयोग कर काम चला रहे हैं। हालांकि मेनकोर्स के अलावा अन्य आइटम को कम किया है।
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इलेक्ट्रिक आइटम की मांग बढ़ी व्यावसायिक गैस सिलिंडर की परेशानी के बाद बाजारों में इंडक्शन, इलेक्ट्रिक चूल्हा और एयर फ्रायर की मांग बढ़ गई है। इसके कारण इनके दाम भी कई गुना बढ़ गए हैं। इंदौर के आसपास के क्षेत्रों से भी ढाबा संचालक इंदौर आकर इलेक्ट्रॉनिक उपकरण खरीद रहे हैं। वहीं लकड़ी के साथ ही कंडों के दाम में भी 20 से 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।
स्वस्तिका इन्वेस्टमार्ट लिमिटेड, एक प्रमुख बीएसई सूचीबद्ध ब्रोकरेज और वित्तीय सेवाएं समूह, ने कर्मचारियों के हित में एक सराहनीय पहल की घोषणा की है। एलपीजी की चल रही कमी से प्रभावित हो रहे अनेक परिवारों को ध्यान में रखते हुए कंपनी ने अपने कर्मचारियों और उनके परिवारों की सहायता के लिए एक संवेदनशील कदम उठाया है।
स्वस्तिका इन्वेस्टमार्ट में कर्मचारियों को हमेशा संगठन की सफलता और विकास का केंद्र माना गया है। कंपनी का मानना है कि किसी भी संस्थान की असली ताकत उसके लोगों के कल्याण और संतुष्टि में निहित होती है। इसी सोच के तहत कंपनी के नेतृत्व ने ऐसे समय में व्यावहारिक सहयोग प्रदान करने की पहल की है, जब इसकी सबसे अधिक आवश्यकता है।

इस प्रतिबद्धता को दर्शाते हुए कंपनी के प्रबंध निदेशक सुनील न्याती ने घोषणा की है कि स्वस्तिका इन्वेस्टमार्ट देश के लगभग 60 शहरों में कार्यरत करीब 450 कर्मचारियों को इंडक्शन कुकटॉप उपलब्ध कराएगी। इस पहल का उद्देश्य एलपीजी आपूर्ति में आ रही चुनौतियों के बीच कर्मचारियों और उनके परिवारों को भोजन बनाने के लिए एक विश्वसनीय वैकल्पिक समाधान उपलब्ध कराना है।
इस पहल के पीछे की भावना साझा करते हुए स्वस्तिका इन्वेस्टमार्ट के प्रबंध निदेशक सुनील न्याती ने कहा,
“स्वस्तिका में हमारे कर्मचारी ही हमारी सबसे बड़ी ताकत हैं। ऐसे समय में जब कई परिवार एलपीजी की कमी जैसी व्यावहारिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।
संगठनों के लिए अपने लोगों के साथ खड़ा होना और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। यह छोटा सा प्रयास हमारी टीम के सदस्यों और उनके परिवारों को सहयोग देने की दिशा में उठाया गया एक कदम है, ताकि उनके घरों की दैनिक व्यवस्था सुचारू रूप से चलती रहे।”
कंपनी के अनुसार, यह पहल कर्मचारियों के कल्याण के प्रति उसकी निरंतर प्रतिबद्धता और देखभाल, संवेदनशीलता तथा साथ मिलकर आगे बढ़ने की संस्कृति को दर्शाती है। इस कदम के माध्यम से स्वस्तिका इन्वेस्टमार्ट ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि जब संगठन अपने लोगों का साथ देते हैं, तो वे केवल मजबूत टीम ही नहीं बल्कि एक सशक्त समुदाय का भी निर्माण करते हैं।