विनय यादव, नईदुनिया, इंदौर। सरकारी अस्पतालों में इलाज की उपलब्धता के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन वास्तविकता यह है कि गरीब और जरूरतमंद मरीजों को इलाज के नाम पर गंभीर लापरवाही मिलती है। एमजीएम मेडिकल कॉलेज के न्यू चेस्ट वार्ड से जुड़ा एक ऐसा ही मामला सामने आया है। इंट्राकेथ बदलने के दौरान नर्स ने यहां भर्ती डेढ़ माह के बच्चे के अंगूठे पर ही कैंची चला दी।
जिससे अंगूठा कटकर जमीन पर गिर गया। इसके बाद बच्चे को तत्काल सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल भेजा गया जहां सर्जरी कर अंगूठा जोड़ा गया। ताज्जुब की बात यह है कि इस घटना की जानकारी यूनिट के डॉक्टरों ने अस्पताल के अधीक्षक को भी नहीं दी।
घोर लापरवाही की यह घटना बुधवार की है। बच्चे की मां अंजु ने बताया कि वह बेटमा के बजरंगपुरा गांव की निवासी है। बच्चे को निमोनिया के कारण न्यू चेस्ट वार्ड में भर्ती किया गया था, जहां उसके हाथ में रात से सूजन थी। सुबह नर्स को दो बार बुलाने पर भी वह नहीं आई। तीसरी बार में जब नर्स आई तो इंट्राकेथ बदलते के लिए सुई निकालने के दौरान बच्चे का हाथ पकड़ा और टैप को काटते समय कैंची से अंगूठा काट दिया।
स्वजन का आरोप है कि न्यू चेस्ट वार्ड में नर्सें अक्सर मोबाइल चलाती रहती हैं। जब इलाज से संबंधित बात की जाती है, तो कहा जाता है कि अभी रुक जाओ। उल्लेखनीय है कि बच्चा सामान्य डिलिवरी से एमटीएच अस्पताल में हुआ था। उसे घर ले जाया गया था, लेकिन निमोनिया के कारण 24 दिसंबर को फिर से भर्ती किया गया।
बच्चा 24 दिसंबर को भर्ती हुआ था और सुबह इंट्राकेथ बदलने के दौरान उसके हाथ में चोट लग गई थी। सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल में उसका इलाज किया गया है और अब बच्चा स्वस्थ है। - डॉ. निर्भय मेहता, प्रभारी, न्यू चेस्ट वार्ड