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नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। बारिश के मौसम में हादसों की आशंका को देखते जिले के सभी पर्यटन स्थलों को लेकर जिला प्रशासन ने सुरक्षा आदेश जारी किए हैं। कलेक्टर शिवम वर्मा ने जिले के जोखिम भरे और एकांत पर्यटन स्थलों के प्रतिबंधित हिस्सों में आम लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी है। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
आमजन की एंट्री तत्काल प्रभाव से बंद रहेगी
आदेश अनुसार महू तहसील के कई संवेदनशील और हादसों की आशंका वाले पर्यटन स्थलों के प्रतिबंधित क्षेत्रों में आमजन की एंट्री तत्काल प्रभाव से बंद रहेगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह प्रतिबंध विशेष रूप से उन इलाकों पर लागू होगा जो जोखिम भरे, गहरे, फिसलनयुक्त या एकांत में हैं। संबंधित थाना प्रभारियों को आदेश का सख्ती से पालन करना होगा। 25 जून से 22 अगस्त तक यह आदेश प्रभावी रहेगा।
कई लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी
गौरतलब है कि वर्षाकाल में इंदौर और महू तहसील के अंतर्गत आने वाले पर्यटन स्थलों पर बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। इस दौरान फोटो के लिए गहरी खाई या नदी में उतरते हैं। विगत वर्षों में वर्षाकाल में कई हादसे हो चुके हैं और कई लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है।
लगाने होंगे चेतावनी बोर्ड
कलेक्टर ने संबंधित जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों और नगर परिषदों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे पर्यटन स्थलों पर तुरंत चेतावनी और प्रतिबंध संबंधी सूचना बोर्ड लगवाएं। जहां जरूरत हो, वहां सीमाएं भी चिन्हित की जाएं। पूर्व में लगाई गई रेलिंग और सूचना बोर्ड की भी जांच की जाएगी। यदि वे खराब होंगे तो उन्हें सुधारना होगा।
यह स्थल रहेंगे शामिल
जिला प्रशासन द्वारा लगाए गए प्रतिबंध में तिंछा फाल, चोरल फाल, चोरल डेम, सीतलामाता फाल, कजलीगढ़, मेहंदी कुंड, जामन्या कुंड, मोहाडी फाल, रतबी वाटर फाल, लोहिया कुंड, जूनापानी, चिड़िया भड़क, बामनिया कुंड, जोगी भड़क और हत्यारी खो जैसे स्थान शामिल हैं।
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