
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। दीपावली पर घर लौटने की तैयारी कर रहे इंदौरियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। नौकरी, व्यवसाय और पढ़ाई के सिलसिले में मुंबई, पुणे, बेंगलुरु और हैदराबाद में रहने वाले लोगों को इस बार घर पहुंचने के लिए सामान्य से दो से तीन गुना तक अधिक किराया चुकाना पड़ रहा है। ट्रेनों में कन्फर्म टिकट मिलना मुश्किल है। कई ट्रेनों में वेटिंग 100 के पार पहुंच गई है, जबकि कुछ में टिकट बुकिंग बंद हो चुकी है। ऐसे में बस और फ्लाइट का विकल्प भी जेब पर भारी पड़ रहा है।
मुंबई और पुणे रूट की ट्रेनों में लंबी वेटिंग के कारण यात्रियों को दूसरे साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है। दीपावली से पहले चार से छह अक्टूबर के बीच मुंबई से इंदौर आने वाली बसों का किराया बढ़कर चार से छह हजार रुपये पहुंच गया है। सामान्य दिनों में यह 1600 से 2300 रुपए रहता है। यात्रियों को करीब तीन गुना तक अधिक भुगतान करना पड़ रहा है।
हवाई यात्रा का विकल्प चुनने पर अधिक दाम चुकाने पड़ रहे हैं। मुंबई से इंदौर की फ्लाइट का किराया 10 से 11 हजार रुपए तक पहुंच गया है, जबकि सामान्य दिनों में यह 5 से साढ़े 5 हजार रुपए रहता है। वहीं पुणे से इंदौर का हवाई किराया 11 से 12 हजार रुपए और हैदराबाद से करीब 10 हजार रुपए प्रति यात्री हो गया है।
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त्योहारी सीजन में घर लौटने वालों को भागदौड़ करनी पड़ती है। घर लौटने वालों की बढ़ती संख्या के बीच सीमित सीटों ने किराये में उछाल ला दिया है। पहले से टिकट बुक नहीं कराने वाले यात्रियों के सामने अब महंगा सफर करने के अलावा बहुत कम विकल्प बचे हैं। ट्रेन में जगह नहीं, फ्लाइट का किराया दोगुना और बसों में भी तीन गुना तक कीमत चुकाने की मजबूरी है। ऐसे में दीपावली पर घर पहुंचना इस बार इंदौरियों के लिए महंगा सौदा साबित हो रहा है।