
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर : भू-माफियाओं के फर्जीवाड़े का खामियाजा अब उन परिवारों को भुगतना पड़ रहा है, जिन्होंने जीवनभर की कमाई लगाकर अपने आशियाने बनाए। खजराना क्षेत्र की कृष्णबाग कॉलोनी में बने मकानों पर अब बुलडोजर चलने की तैयारी है।
हाई कोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन को आगामी 30 दिनों में जमीन से अवैध कब्जे हटाकर जमीन स्वामी श्रीराम बिल्डर को कब्जा दिलाना है। इससे कालोनी में रहने वाले कई परिवारों के सामने बेघर होने का संकट खड़ा हो गया है।
मामला न्यायनगर की बेशकीमती जमीन से जुड़ा है। सर्वे क्रमांक 66/2 की यह जमीन श्रीराम बिल्डर (शशिभूषण खंडेलवाल) के स्वामित्व की है। आरोप है कि भू-माफियाओं ने इस जमीन पर अवैध रूप से कृष्णबाग कालोनी विकसित कर लोगों को प्लाट बेच दिए। इसके लिए कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों और भ्रामक जानकारी का सहारा लिया गया।
वर्ष 2021 में हुई जांच में सहकारिता संस्था के नियमों के उल्लंघन और कूटरचित दस्तावेजों से जुड़े मामले सामने आए थे। इसके बाद तत्कालीन प्रशासन ने कालोनी की टीएनसी और नगर निगम से जारी भवन अनुमतियां निरस्त कर दी थीं। मामला लंबी कानूनी प्रक्रिया से गुजरने के बाद अब हाई कोर्ट ने जमीन से कब्जे हटाने के निर्देश दिए हैं। एसडीएम धनश्याम धनगर का कहना है कि माननीय न्यायालय के आदेशानुसार कार्रवाई की जाएगी।
कृष्णबाग में रहने वाली गौरी पटेल का कहना है कि 15 साल पहले यहां पर मकान खरीदा था, पूरी जमा पूंजी लगा दी। बाद में पता चला कालोनी अवैध है। जिन्होंने प्लॉट खरीदकर मकान बनाए। रहवासियों के सामने अब अपनी जमा-पूंजी और छत दोनों गंवाने का डर है। प्लाट बेचने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
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